एमएसएमई के लिए वन कनेक्ट ऐप और आईएफसी बनेंगे विकास के सशक्त औजार
आगरा। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने एमएसएमई वन कनेक्ट ऐप और इंडस्ट्रियल फैसिलिटेशन सेंटर (आईएफसी) जैसी दो क्रांतिकारी पहलें शुरू की हैं। गुरुवार को होटल होलीडे इन में उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम द्वारा आयोजित कार्यशाला में इन योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। चर्चा का मुख्य फोकस रहा- सरलता, नवाचार और ज़मीनी समाधान।
कार्यशाला की अध्यक्षता निगम के अध्यक्ष व राज्य मंत्री राकेश गर्ग ने की। उन्होंने कहा कि ये दोनों पहलें उद्यमियों को एक मंच पर सभी तरह की औद्योगिक मदद प्रदान करेंगी, चाहे वह उद्योग स्थापित करना हो, वित्तीय मदद चाहिए हो या वैश्विक मार्केटिंग की राह पकड़नी हो।
ऐप से होगा डिजिटल संपर्क आसान
'एमएसएमई वन कनेक्ट' को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि शहर ही नहीं, गांव-गांव के छोटे उद्यमी भी इसे आसानी से उपयोग कर सकें। इसमें गुणवत्ता नियंत्रण, तकनीकी मार्गदर्शन, लाइसेंसिंग, और निर्यात सहायता जैसी सुविधाएं होंगी।
हर जिले में होगा आईएफसी सेंटर
आईएफसी केंद्र वन-स्टॉप सॉल्यूशन की तरह कार्य करेंगे। यहां से उद्योग लगाने से लेकर स्कीम की जानकारी, वित्तीय कंसल्टिंग और मार्केटिंग सपोर्ट तक सभी सेवाएं मिलेंगी।
ज़मीनी स्तर पर सपोर्ट स्ट्रक्चर
हर जिले में एक मैनेजर और प्रत्येक मंडल में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट तैनात होंगे जो उद्यमियों को सीधे परामर्श देंगे। ‘एमएसएमई संवाद’ यूट्यूब चैनल पर सफल कहानियां भी साझा की जाएंगी।
स्थानीय उद्योगों को नया जीवन
लघु उद्योग भारती के बृज क्षेत्र के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने इसे उद्योग जगत की नई क्रांति का नाम दिया। उन्होंने कहा कि यह योजना न सिर्फ नए उद्योग लगाएगी, बल्कि पुराने उद्योगों को भी नई सोच देगी।
कार्यशाला में ये रहे मौजूद
दीपक अग्रवाल (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती), मनीष अग्रवाल (मुख्य सलाहकार, फूड प्रोसेसिंग एसोसिएशन), सीए अनुज अशोक (ब्रज डेवलपमेंट फाउंडेशन), सीए नितेश गुप्ता (एमएसएमई सेल), वाई.पी. सिंह (प्रमुख इंजीनियर), और ई एंड वाय से अभिषेक, सुयश व रंजीत सहित कई विशेषज्ञ।