ऑनलाइन गेमिंग विनियमन विधेयक पास: सरकार ने मनी गेम्स पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन व विनियमन विधेयक, 2025 पेश किया। विपक्ष के हंगामे के बीच विधेयक को पास हो गया। बिल पेश होने के बाद निचले सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। मंगलवार को कैबिनेट ने इस विधेयक को मंजूरी दी थी।

Aug 20, 2025 - 19:48
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ऑनलाइन गेमिंग विनियमन विधेयक पास: सरकार ने मनी गेम्स पर कसा शिकंजा

ऑनलाइन गेम्स के कारण उत्पन्न समस्याएं

सरकार ने बताया कि ऑनलाइन रियल मनी गेम्स के कारण बच्चों और युवाओं में लत, वित्तीय नुकसान और आत्महत्याओं जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। अनुमान है कि सालाना लगभग 45 करोड़ लोग इस खेल में करीब 20,000 करोड़ रुपये गंवाते हैं। सरकार ने इस गंभीर सामाजिक समस्या का सामना करने के लिए ही विधेयक प्रस्तुत किया था।

उल्लंघनकर्ताओं के लिए दंड

विधेयक के अनुसार, ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाएं प्रदान करने वालों को तीन साल तक की कैद या 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों की सजा दी जा सकती है। विज्ञापन करने वालों को दो साल तक की जेल या 50 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। बैंक और वित्तीय संस्थान भी लेनदेन सुविधा देने पर दंड के लिए उत्तरदायी होंगे। बार-बार अपराध करने पर तीन से पांच साल की जेल और अधिक जुर्माना तय है।

मनी गेम की पहचान कैसे होगी

विधेयक में एक वैधानिक नियामक प्राधिकरण बनाने की बात की गई है, जो यह तय करेगा कि कौन सा गेम ऑनलाइन मनी गेम के अंतर्गत आता है। सभी प्लेटफॉर्म को प्राधिकरण के नियमों के अनुसार पंजीकरण और पालन करना अनिवार्य होगा।

किन गेम्स को राहत दी जाएगी

ई-स्पोर्ट्स और कौशल आधारित मनोरंजन गेम्स को मनी गेम नहीं माना जाएगा। विधेयक का उद्देश्य जुआ, वित्तीय शोषण और मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों से निपटना और ई-स्पोर्ट्स पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है।

ऑनलाइन गेमिंग उद्योग की आपत्ति

इधर ऑनलाइन गेमिंग उद्योग ने चेतावनी दी है कि पूर्ण प्रतिबंध से 2 लाख से अधिक नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं और 400 से ज्यादा कंपनियां बंद हो सकती हैं। उद्योग ने कहा कि वैध प्लेटफॉर्म बंद होने पर उपयोगकर्ता अवैध नेटवर्क की ओर बढ़ेंगे। भारत का गेमिंग उद्योग 20% सीएजीआर से बढ़ रहा है और यह क्षेत्र आर्थिक योगदान के लिए महत्वपूर्ण है।

SP_Singh AURGURU Editor