उटंगन में डूबे 13 लोगों में से मात्र पांच के शव मिले,  गुस्साए ग्रामीणों ने किया जाम और पथराव

आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान घटी भीषण त्रासदी ने पूरे इलाके को शोक और आक्रोश में डुबो दिया है। गुरुवार को प्रतिमा विसर्जन में गए 13 लोग नदी की गहराई में समा गए, जिनमें से अब तक पांच के शव मिल चुके हैं, एक का उपचार एसएन मेडिकल कॉलेज में जारी है, जबकि सात लोग अब तक लापता हैं। एनडीआरएफ की टीम रातभर से तलाशी अभियान चला रही है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। लापता लोगों का सुराग न मिलने पर शुक्रवार सुबह लोगों को धैर्य जमाव दे गया। गुस्साए ग्रामीणों ने ऊंटगिरि व कागारौल चौराहे पर जाम लगा दिया और मौके पर पहुंचे एसडीएम की गाड़ी पर पथराव कर दिया।

Oct 3, 2025 - 13:19
Oct 3, 2025 - 13:38
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उटंगन में डूबे 13 लोगों में से मात्र पांच के शव मिले,  गुस्साए ग्रामीणों ने किया जाम और पथराव
खेरागढ़ क्षेत्र में उटंगन नदी में विगत दिवस प्रतिमा विसर्जन के दौरान डूबे युवाओं के परिजन और रिश्वेतेदार। दूसरे चित्र में मौके पर मौजूद जाम लगाकर विरोध जताते हुए।

-रात भर चले तलाशी अभियान के बाद आज सुबह दो शव मिल गये थे, एक का अस्पताल में इलाज जारी

-अभी भी लापता हैं सात लोग, जिनके लिए सुबह से फिर शुरू हो गया है सर्च ऒपरेशन, भारी जनाक्रोश

-ताजगंज क्षेत्र के नगला तलफी में डूबे करबना के दोनों युवाओं का भी अभी तक सुराग नहीं लग सकता है

हादसे से व्यथित ग्रामीणों ने पुलिस और खनन माफिया को मौतों का जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि जेसीबी से खोदे गए गहरे गड्ढों की जानकारी न होने के कारण यह बड़ी जनहानि हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।

तीन लोगों के शव गुरुवार देर शाम मिल गए थे, जबकि एक युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। शाम साढ़े सात बजे से एसडीआरएफ की टीम ने लापता नौ लोगों की तलाश शुरू कर दी थी। रातभर अभियान जारी रहा, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह एक और दोपहर में एक अन्य शव मिलने से बरामद शवों की संख्या पांच हो गई। सात लोग अब तक लापता हैं। एनडीआरएफ की टीम लगातार तलाशी अभियान चला रही है।

लापता लोगों का सुराग न लगने पर शुक्रवार सुबह गुस्साए ग्रामीणों ने ऊंटगिरि व कागारौल चौराहे पर जाम लगा दिया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीएम की गाड़ी पर पथराव कर दिया गया। गाड़ी का शीशा टूट गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति को काबू किया।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस त्रासदी के पीछे खनन माफिया जिम्मेदार हैं। जेसीबी से नदी में इतने गहरे गड्ढे कर दिए गए कि पानी में उतरने पर लोगों को पता नहीं चल पाया और वे उसमें समा गए। ग्रामीणों ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए कि वह खनन माफिया से मिली हुई है और पैसे लेकर खनन कराती है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को खेरागढ़ के सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। घटनास्थल पर शुक्रवार तड़के पुलिस अपर आयुक्त राम बदन सिंह भी पहुंचे और उन्होंने एनडीआरएफ टीम के साथ रेस्क्यू अभियान का जायजा लिया। सांसद राजकुमार चहर भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्माओं की सद्गति और शोकाकुल परिजनों को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था करने और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करने के निर्देश दिए। इस दौरान लोगों ने सांसद राज कुमार चाहर के खिलाफ नारे भी लगाए।

करबना के ऋषभ और प्रियांशु का भी पता नहीं चला

दूसरी ओर विगत दिवस ही ताजगंज थाना क्षेत्र में करबना के रहने वाले ऋषभ और प्रियांशु के बीते कल नगला तलफ़ी के पास यमुना में डूब गये थे। इनके लिए भी देर रात तक सर्च ऒपरेशन चला, लेकिन यमुना में पानी का बहाव तेज होने के कारण ये माना जा रहा है कि ये बहते हुए दूर तक चले गये हैं। आज सुबह तक तक इन दोनों युवकों का भी कोई पता नहीं चल पाया था। सुबह से फिर तलाश शुरू कर दी गई है।

SP_Singh AURGURU Editor