जैसे ही आपने सख्ती दिखाई, किसी ने कूड़े में आग लगाई! ये तो चुनौती हुई साहब ?
आगरा। प्रदूषण की रोकथाम के लिए लोगों में जागरूकता जरूरी है और इसके लिए एनजीटी राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण व सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। आगरा नगर निगम ने भी हाल ही में सख्ती दिखाई है। मगर दुस्साहस देखिए खुले में कूड़ा जलाने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। अब नगर निगम के सामने चुनौती है कि वह इन हालातों से निपटेगा कैसे ? क्योंकि पर्यावरण के अपराधी पकड़ में नहीं आ रहे हैं। फिलहाल तो दो ही तरीके हैं पहला सीसीटीवी और दूसरा शिकायत।
आगरा में कूड़े के ढेर में लगी आग की दो तस्वीरें आपके सामने हैं। पहली दिवाली से एक दिन पहले सेंट जॉन्स चौराहे से किदवई पार्क की ओर जाने वाले रोड की तो दूसरी तस्वीर आज सुबह मोहनपुरा ईदगाह क्रॉसिंग की है। दोनों ही स्थानों पर कूड़े के ढेर में आग लगाने से आस—पास धुंआ फैल गया, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। बताया जा रहा है कि मोहनपुरा क्षेत्र के बारे में तो स्थानीय निवाससियों द्वारा नगर निगम में दो बार शिकायत भी की जा चुकी है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
यह हालात तब हैं जब दीपावली के बाद घरों से निकलने वाले कूड़े में कुछ स्थानों पर आग लगाये जाने की घटनाओं को नगर आयुक्त ने गंभीरता से लेते हुए सख्त हिदायद दी है कि अगर किसी भी व्यक्ति ने कूड़े में आग लगाई तो उस पर भरी जुर्माना लगाया जाएगा। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा है कि प्रतिंबध के बाद भी कुछ लोग सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। मौके पर कूुड़ा जलाते पकड़े जाने पर एनजीटी नियमों के तहत पांच से पच्चीस हजार रुपये तक का जुर्माना वसूल किया जाएगा। अब लोग सवाल कर रहे हैं तो कूड़ा तो अब भी जल रहा है। फिर नगर निगम जुर्माना वसूलेगा कैसे और किससे क्योंकि पर्यावरण के यह दोषी पकडे नहीं जा रहे हैं।
बात दें कि दीपोत्सव पर आतिशबाजी के कारण शहर की आवोहवा और भी प्रदूषित हो गयी है। कचरे में आग लगाकर कुछ लोग इस समस्या को और भी गंभीर बना रहे हैं। एयर क्वालिटी को मेंटेन रखने के लिए नगर निगम मेकेनिकल स्वीपिंग कराने के साथ ही वाटर स्प्रिकलिंग करा रहा हेै। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने सभी जेडएसओ, एसएफआई और इंस्पेक्टरों को आदेश दे दिये हैं कि वे अपने अपने क्षेत्रों में पैनी नजर रखें। खुले में कूड़ा जलाने वाले के खिलाफ कार्रवाई करें।
खुले में कूड़ा जलाने पर है प्रतिबंध
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल एनजीटी ने देशभर में खुले में कचरा जलाये जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। आगरा ताज ट्रिपेजियम जोन में आता है। ताजमहल के पचास किलोमीटर की परिधि में कूड़ा नहीं जलाया जा सकता है। खुले में कचरा जलाये जाने पर पांच हजार से पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाये जाने का प्रावधान है।
पूरे शहर में कराया जा रहा पानी का छिड़काव
हवा की सेहत में सुधार के लिए नगर निगम अपने स्तर से भरपूर प्रयास कर रहा है। पूरे शहर में आठ मेकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से लगातार सफाई कराई जा रही है जिससे सड़कों पर धूल के कण न उडें। इसके अलावा वाटर स्प्रिंकलिंग मषीनों से पानी का छिड़काव और डिवायडरों की धुलाई कराई जा रही है। नगरायुक्त स्वयं इसकी समीक्षा कर रहे हैं।