नाबालिग की मौत पर पोस्टमार्टम हाउस पर फूटा गुस्सा, परिवार को हत्या की आशंका
आगरा में 16 वर्षीय नाबालिग की इलाज के दौरान मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर वाल्मीकि समाज में आक्रोश है। नाबालिग 28 अगस्त को घर से निकली थी और एक सितंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस के मुताबिक छत्ता थाना क्षेत्र के जीवनी मंडी में वह सड़क हादसे में घायल हुई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हादसे में शामिल कार को कब्जे में लेने और घटना के सीसीटीवी में कैद होने की बात कही है। वहीं परिवार हत्या की आशंका जता रहा है और चालक व कार मालिक की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। सपा नेता विनय अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पैनल से पोस्टमार्टम और निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस के मुताबिक सड़क हादसे में घायल हुई थी, इलाज के दौरान मौत, सपा प्रतिनिधिमंडल ने की निष्पक्ष जांच की मांग
आगरा। हरीपर्वत थाना क्षेत्र के लंगड़े की चौकी निवासी 16 वर्षीय नाबालिग की इलाज के दौरान मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर वाल्मीकि समाज में आक्रोश फैल गया। परिवार ने किशोरी की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है, जबकि पुलिस का कहना है कि किशोरी सड़क हादसे में घायल हुई थी और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। मामला संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से जुड़ा होने के कारण परिजनों और समाज के लोगों ने पुलिस से घटना की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनकी मांग है कि पोस्टमार्टम पैनल से कराया जाए, मेडिकल रिपोर्ट और चोटों की स्थिति सार्वजनिक की जाए तथा घटनास्थल से लेकर सीसीटीवी फुटेज तक हर साक्ष्य की बारीकी से जांच हो।
28 अगस्त को घर से निकली, एक सितंबर को दर्ज हुई गुमशुदगी
परिजनों के अनुसार नाबालिग 28 अगस्त को घर से निकली थी। इसके बाद उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार उसकी तलाश में जुटा रहा। पुलिस के अनुसार एक सितंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज की गई थी। इसी बीच पुलिस का कहना है कि नाबालिग सड़क हादसे में घायल हो गई थी। हादसा छत्ता थाना क्षेत्र के जीवनी मंडी इलाके में होने की जानकारी दी गई है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक इलाज चला। इलाज के दौरान रात करीब दो बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलते ही परिजन और वाल्मीकि समाज के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
परिवार ने उठाए सवाल
नाबालिग की मौत के बाद परिवार ने पुलिस की हादसे वाली थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें किशोरी के शरीर पर आई चोटों और उसके मेडिकल उपचार से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं मिल सकी है। इसी वजह से परिवार मौत की परिस्थितियों को लेकर आशंकित है। परिवार की मांग है कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई जाए और चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाए, ताकि मौत की वास्तविक वजह सामने आ सके।
हादसा सीसीटीवी में कैद, कार कब्जे में
पुलिस के अनुसार नाबालिग के साथ हुआ सड़क हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। पुलिस ने हादसे में शामिल कार को भी कब्जे में लिए जाने की बात कही है। हालांकि, परिजनों और वाल्मीकि समाज की नाराजगी इस बात को लेकर है कि कार चालक और वाहन मालिक की गिरफ्तारी अभी तक क्यों नहीं हुई। समाज के लोगों का कहना है कि यदि हादसा हुआ है तो उसकी परिस्थितियों, चालक की भूमिका और घटना के बाद की गतिविधियों की पूरी जांच होनी चाहिए। परिजन यह भी जानना चाहते हैं कि नाबालिग 28 अगस्त को घर से निकलने के बाद किन परिस्थितियों में जीवनी मंडी क्षेत्र तक पहुंची और हादसे से पहले उसके साथ क्या हुआ था।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सपा नेता
नाबालिग की मौत की जानकारी के बाद समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व प्रत्याशी आगरा दक्षिण विधानसभा विनय अग्रवाल के नेतृत्व में पोस्टमार्टम गृह पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहन जांच कराने की मांग की। नेताओं ने कहा कि परिवार की आशंकाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और हादसे से लेकर मौत तक की पूरी कड़ी की जांच जरूरी है।
सीसीटीवी से लेकर मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक जांच की मांग
विनय अग्रवाल ने कहा कि नाबालिग बेटी की मौत बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। परिवार यदि हत्या की आशंका जता रहा है तो पुलिस को हर पहलू की जांच करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया जाए। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल की जाए। हादसे में शामिल कार और चालक की भूमिका की जांच हो। नाबालिग के घर से निकलने से लेकर अस्पताल पहुंचने तक की पूरी कड़ी खंगाली जाए। यदि किसी आपराधिक साजिश या हत्या के साक्ष्य सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
'परिवार की आशंका को नजरअंदाज न करे पुलिस'
विनय अग्रवाल ने कहा कि किसी नाबालिग बेटी की मौत का मामला केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि यह समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को परिवार की हर आशंका का जवाब जांच के माध्यम से देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में सड़क दुर्घटना की बात सही साबित होती है तो भी हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं यदि जांच में हत्या या किसी आपराधिक साजिश के साक्ष्य मिलते हैं तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
विनय अग्रवाल ने आगरा में हाल के दिनों में महिलाओं और बच्चियों से जुड़ी घटनाओं का हवाला देते हुए प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही गंभीर घटनाएं चिंता का विषय हैं और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 'कानून का राज' केवल भाषणों और नारों में नहीं, बल्कि आम लोगों को जमीन पर दिखाई देना चाहिए। खासकर महिलाओं और नाबालिग बच्चियों से जुड़े मामलों में पुलिस को तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
न्याय नहीं मिला तो सड़क पर उतरने की चेतावनी
वाल्मीकि समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और परिवार को न्याय नहीं मिला तो समाज आंदोलन के लिए मजबूर होगा। लोगों ने पुलिस और प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई करने तथा मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की। फिलहाल पुलिस हादसे में शामिल कार को कब्जे में लेकर सीसीटीवी फुटेज समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। नाबालिग की मौत की वास्तविक परिस्थितियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी। प्रतिनिधिमंडल में दक्षिण विधानसभा अध्यक्ष सतीश चाहर, परवेज खान, विमल वाल्मीकि, सुमित चौहान, हिमांशु यादव और सलमान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।