पहलगाम आतंकी हमलाः टूर ऑपरेटरों ने बगैर अनुमति पहुंचाए थे पर्यटक
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर सरकार ने सर्वदलीय बैठक में जो जानकारी साझा की है, वह बेहद चौंकाने वाली है।
-जिस जगह हमला हुआ, वह जून में अमरनाथ यात्रा शुरू होने पर ही पर्यटकों के लिए खोला जाता है
उच्चस्तरीय सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, हमला जिस स्थान पर हुआ वह क्षेत्र आमतौर पर हर साल जून में अमरनाथ यात्रा शुरू होने पर ही पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उस समय तक वहां सुरक्षा बलों की स्थायी तैनाती नहीं होती, क्योंकि वह इलाका मौसम और सुरक्षा की दृष्टि से सीमित समय के लिए ही खोला जाता है। बावजूद इसके, कुछ टूर ऑपरेटरों ने बिना किसी आधिकारिक अनुमति के पर्यटकों को उस संवेदनशील क्षेत्र में पहुंचा दिया, और इस संबंध में न तो प्रशासन को सूचना दी गई, न ही किसी सुरक्षा एजेंसी को अलर्ट किया गया। सूत्रों के मुताबिक, इसी चूक का फायदा आतंकियों को मिला और वे हमले को अंजाम देने में सफल हो गए।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने सर्वदलीय बैठक में यह जानकारी साझा की और कहा कि अब इस मामले में गहन जांच के आदेश दिए गए हैं। संबंधित टूर ऑपरेटरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
वहीं दूसरी ओर, अमरनाथ यात्रा से पहले अब सभी मार्गों, ट्रैक और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पुनर्मूल्यांकन की जा रही है। सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी अनधिकृत गतिविधि या आवाजाही को तुरंत रोका जाए।
सरकारी सूत्रों ने यह भी कहा, पर्यटन को बढ़ावा देना जरूरी है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस हमले के बाद से घाटी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और एलओसी पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।