पालीवाल पार्क बना ‘वसूली का अड्डा’: 10 की जगह 20 का टिकट, पार्किंग भी अवैध, उद्यान अधीक्षक बोले- कल ही एक्शन लेंगे

आगरा। शहर के हृदय स्थल पालीवाल पार्क में इन दिनों खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है। उद्यान विकास समिति द्वारा तय की गई 10 रुपये की एंट्री फीस को दरकिनार करते हुए ठेकेदार पिछले लंबे समय से 20 रुपये प्रति टिकट वसूल रहा है। इतना ही नहीं, बिना किसी आधिकारिक ठेके के पार्किंग के नाम पर भी 20 रुपये की अतिरिक्त वसूली की जा रही है, जिससे पार्क में नियमित रूप से आने वालों में भारी रोष है।

Mar 31, 2026 - 21:00
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पालीवाल पार्क बना ‘वसूली का अड्डा’: 10 की जगह 20 का टिकट, पार्किंग भी अवैध, उद्यान अधीक्षक बोले- कल ही एक्शन लेंगे
शहर के पालीवाल पार्क में ठेकेदार द्वारा प्रवेश शुल्क के नाम पर की जा रही अवैध वसूली का एक सबूत, जिसमें दस रुपये वाली टिकट पर 20 रुपये प्रवेश शुल्क अंकित है।

जानकारी के अनुसार, उद्यान विकास समिति की बैठक में स्पष्ट रूप से एंट्री शुल्क 10 रुपये निर्धारित किया गया था और लंबे समय तक इसी दर पर टिकट जारी होते रहे। लेकिन अचानक ठेकेदार ने मनमानी करते हुए टिकट की कीमत दोगुनी कर दी। जब इस पर विरोध हुआ तो पहले दावा किया गया कि 20 रुपये का प्रस्ताव समिति से पारित हो चुका है, लेकिन जब इस प्रस्ताव के दस्तावेज मांगे गए तो पलटते हुए कहा गया कि शुल्क अभी भी 10 रुपये ही है। इसके बाद कुछ समय तक दस रुपये की टिकट बिकी।

कुछ ही समय बाद ठेकेदार ने दोबारा 20 रुपये की वसूली शुरू कर दी, जिससे पूरे मामले में अधिकारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि यह पूरा खेल अधिकारियों के संरक्षण में चल रहा है, क्योंकि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पूर्व राजकीय उद्यान विकास समिति सदस्य प्रदीप खंडेलवाल ने इस पूरे मामले को लेकर राजकीय उद्यान अधीक्षक को कड़ा पत्र लिखते हुए अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के पास 20 रुपये वसूले जाने के पुख्ता साक्ष्य मौजूद हैं, जो उन्हें भी प्राप्त हुए हैं।

खंडेलवाल ने अपने पत्र में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग ने तुरंत ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे पार्क की जनता के साथ अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क इंस्पेक्टर स्वयं यह स्वीकार कर चुका है कि वह इस मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे चुका है, बावजूद इसके कार्रवाई न होना संदेह पैदा करता है।

उन्होंने उद्यान विकास समिति के सदस्यों पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि वे इस अवैध वसूली को नहीं रुकवा सकते, तो उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। कब तक अधिकारीयों की चमचागिरी करेंगे? यह सवाल अब आम जनता भी पूछने लगी है।

इस बारे में पूछे जाने पर राजकीय उद्यान अधीक्षक रजनीश पांडे ने कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि पालीवाल पार्क में ठेकेदार द्वारा 10 रुपये के टिकट के 20 रुपये वसूल किये जा रहे हैं। इस मामले में वे कल ही कठोर कार्रवाई करने जा रहे हैं। ठेकेदार पर फाइन लगाएंगे। इसके बाद भी अवैध वसूली बंद न हुई तो ठेका निरस्त करने और ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।

उद्यान अधीक्षक ने स्वीकार किया कि पार्क में वाहन पार्किंग के नाम पर 20 रुपये प्रति वाहन की वसूली पूरी तरह अवैध है क्योंकि टेंडर में पार्किंग शुल्क का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि यह ठेका नौ अप्रैल तक है।

SP_Singh AURGURU Editor