संसद का मानसून सत्र धुला, दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सदन में दिखे अमित शाह, रिजिजू बोले- विपक्ष भागा

संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने अमित शाह से दिल्ली में हुए लाठीचार्ज पर जवाब मांगा। वहीं सरकार ने कहा कि वो चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष भाग रहा है।

Aug 13, 2026 - 14:11
Aug 13, 2026 - 17:59
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संसद का मानसून सत्र धुला, दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, सदन में दिखे अमित शाह, रिजिजू बोले- विपक्ष भागा

नई दिल्ली। 'जवाब दो, जवाब दो...', के नारों के साथ संसद का मानसून सत्र धुल गया। आज (13 अगस्त) लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी पार्टियां दो अहम मुद्दे पर अड़ी रही। पहला- दिल्ली में हुए जेन जी आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान दें,  दूसरा- राम मंदिर चंदा चोरी पर संसद में चर्चा हो। 

दोनों ही मुद्दों पर सरकार ने आखिरी समय पत्ते खोले। 10 अगस्त को केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अमित शाह जवाब देने के लिए तैयार हैं, विपक्ष को सुनना पड़ेगा। सदन में रहना होगा।

इसके बाद विपक्ष ने कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी पर चर्चा पर कोई समझौता नहीं होगा। सदन में गतिरोध खत्म नहीं हुआ। इस बीच बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बड़ा दांव चलते हुए पहले मीडिया को बयान दिया और फिर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी। 

अमित शाह ने कहा कि हम सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं। विपक्ष को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि वो भी चर्चा करूंगा कि आपको चर्चा क्यों नहीं चाहिए। वो सदन नहीं चलने देना चाहते हैं।

अमित शाह के बयान पर खुद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अमित शाह के भाषणों में इंटरेस्टेड नहीं हैं। हम जानना चाहते हैं कि किसने बच्चों पर गोली चलवाई। 

बयानबाजी के बीच सदन की कार्यवाही नहीं चल सकी। आज आखिरी दिन भी लोकसभा की कार्यवाही हंगामे के साथ शुरू हुई। दिलचस्प रहा कि पीएम मोदी और अमित शाह दोनों ही नेता सदन में पहुंचे। वंदे मातरम् पूरा बजने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई।

इसके बाद विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया। कांग्रेस के संगठन महासचिव और लोकसभा सांसद के सी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार के रवैया की वजह से मानसून सत्र वॉशआउट हो गया। हमारी मांग थी कि संसद में छात्रों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर सरकार जवाब दे, चढ़ावा चोरी पर चर्चा हो, लेकिन यह लोग तैयार नहीं हुए। संसद के आखिरी दिन वंदे मातरम् के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चले आए।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, "न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री सदन में आए। लोकतंत्र और संसद कैसे काम करेंगे? और आज, वे सिर्फ़ वंदे मातरम गाने के लिए आए। वे तब आए हैं, जब पूरा सत्र पहले ही हो चुका है।"

वहीं केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने मानसून सत्र को लेकर कहा कि इसे हम दो तरह से देखते हैं। बिजनेस के दृष्टि से बहुत अच्छा रहा, कुल 12 बिल पास हुए। चर्चा की दृष्टि से अच्छा नहीं गया। लोकसभा में 19 प्रतिशत प्रोडक्टिविटी और राज्यसभा में 39 प्रतिशत प्रोडक्टिविटी रही। लोकसभा में सिर्फ नकल रोकने को लेकर जो बिल आया उस पर चर्चा हो पाई। लोकसभा में इसके अलावा कोई अच्छी चर्चा नहीं हुई।

उन्होंने कहा, ''मेरा तीन दशक का अनुभव है। ये पहली बार देखा कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। पहली बार सरकार कह रही है चर्चा के लिए तैयार हैं लेकिन विपक्ष भाग गया। ये नया चीज देखने को मिला ये कल्पना से बाहर है। कांग्रेस के सांसद सोचते है कि उनका काम नारा लगाना और कार्ड लेकर हंगामा करना ही रह गया है। सुबह सुबह उठते है संसद में पहुंचते है नारा लगाते है।''