दिल्ली में बाबा पीर रतन नाथ मंदिर तोड़फोड़ के विरोध में आगरा में किया गया शांतिपूर्ण रोष प्रदर्शन
दिल्ली के झंडेवालान स्थित बाबा पीर रतन नाथ के प्राचीन मंदिर पर बुलडोजर चलाए जाने की कार्रवाई के विरोध में आगरा में हिंदू श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ा। सिकंदरा एंक्लेव स्थित मंदिर-दरगाह परिसर में बाबा पीर रतन नाथ के अनुयायियों ने राम नाम जप करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर इसे हिंदू आस्था पर गंभीर चोट बताया।
आगरा। मोदी-योगी! सुनो पुकार, हिंदू तुमको रहे निहार... जैसे नारों के साथ आगरावासी श्रद्धालुओं ने दिल्ली नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा 29 नवंबर को बाबा पीर रतन नाथ के मंदिर पर की गई तोड़फोड़ के विरोध में सामूहिक रोष व्यक्त किया। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक ढांचे पर नहीं, बल्कि 1400 वर्षों से चली आ रही हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है।
रविवार को सिकंदरा एंक्लेव स्थित मंदिर दरगाह परिसर में राम नाम महामंत्र का जाप करते हुए अनुयायियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधान सेवादार कंवल मल्होत्रा ने कहा कि साक्षात शिव के अवतार श्री गुरु गोरखनाथ जी के परम शिष्य बाबा पीर रतन नाथ का यह पवित्र स्थल सदियों से हिंदू समाज की आस्था का केंद्र रहा है। यहां अखंड राम ज्योति, नियमित पूजा-अर्चना, गौ सेवा, विशाल भंडारे और तुलसी वन जैसी धार्मिक परंपराएं निरंतर चलती आ रही थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ मंदिर परिसर में ऐसी कार्रवाई की मानो कोई अपराध स्थल हो। मंदिर के रास्ते बंद कर दिए गए, बिजली-पानी की आपूर्ति काट दी गई, जनरेटर रूम ध्वस्त कर दिया गया और भंडारा साहब को मलबे में बदल दिया गया। परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को मोमबत्ती और मोबाइल की रोशनी में आरती करनी पड़ी।
सेवादार धनुष कुमार भसीन ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि पूरा हिंदू समाज सरकार की ओर देख रहा है। मंदिर की बिजली-पानी व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए, भंडारा साहब और तुलसी वाटिका का पुनर्निर्माण कराया जाए तथा पवित्र स्थल को सुरक्षित किया जाए।
सेवादार गुलशन अरोड़ा, बॉबी सबलोक ने बताया कि शीघ्र ही आगरा के महापौर, विधायक, सांसद और मंत्रियों को ज्ञापन देकर सरकार तक श्रद्धालुओं की आवाज़ पहुंचाई जाएगी।
प्रदर्शन के दौरान प्रवीन तलवार, रोहित सबलोक, राजेंद्र महेंद्रू, अशोक शर्मा, विनय शर्मा, सतीश दुग्गल, स्वामी दयाल सहगल, समीर मल्होत्रा, जय सहगल, कस्तूरी लाल तलवार, सुषमा मल्होत्रा, रिंपल अरोड़ा, रोजी सबलोक, ज्योति साहनी, विमल भसीन, संतोष सबलोक, कविता सहगल, प्रीति सहगल, पूनम साहनी, गुंजन तलवार और मेघना सबलोक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।