रामगढ़ के लोगों की आंखें फटी रह गईं जब ‘महेंद्र पाल’ को अब्दुल रहमान के रूप में देखा

आगरा। धर्मांतरण गिरोह के सरगना अब्दुल रहमान कुरैशी उर्फ महेंद्रपाल जादौन की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे पैतृक गांव रामगढ़ (रजावली), फिरोजाबाद लेकर पहुंची, तो 35 साल पुराने चेहरे को देख गांव वालों की आंखें फटी रह गईं। कभी खुशहाल परिवार का हिस्सा रहा महेंद्रपाल अब मुस्लिम वेशभूषा में था, जिसे देख कर गांव वालों को पहले विश्वास ही नहीं हुआ कि ये वही महेंद्र है।

Jul 22, 2025 - 12:17
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रामगढ़ के लोगों की आंखें फटी रह गईं जब ‘महेंद्र पाल’ को अब्दुल रहमान के रूप में देखा

-35 साल बाद गांव लेकर पुलिस पहुंची थी, धर्मांतरण के सरगना को देख दंग थे गांव वाले

खुशहाल परिवार से धर्मांतरण गिरोह तक

महेंद्रपाल कभी गांव के उन चंद परिवारों में से था जिसके पिता के पास 60 बीघा जमीन और प्रतिष्ठा थी। महेंद्र पाल के अलावा परिवार में दो भाई और दो बहनें और थीं। महेंद्र के एक भाई की हत्या हो गई थी। गांव वालों ने आगरा पुलिस को बताया कि उसका परिवार विवादों और बुरी आदतों में पड़कर गांव से कन्नौज और फिर वहां से मुंबई चला गया। उसका भाई भूरा, जो जमीन विवाद में गांव में मारा गया था, उसी जमीन को लेकर महेंद्र और उसके भाई देवेंद्र ने परिवार सहित पहले गांव छोड़ा और बाद में अपनी पहचान भी त्याग दी।

गांव वालों ने पुलिस को बताया कि इन लोगों ने गांव से पूरी तरह नाता तोड़ लिया था। अब साढ़े तीन दशक बाद जब पुलिस से गांव वालों को पता चला कि वह मुस्लिम बनकर धर्मांतरण गैंग का संचालन कर रहा था तो लोग दंग थे।

गांव के लिए एक अनजान मुसाफ़िर बन गया 'महेंद्र'

पुलिस जब रविवार को अब्दुल रहमान को गांव लाई तो नये ज़माने की पीढ़ी के लिए वो एक अनजान नाम था, जबकि हमउम्र अथवा उससे दस-पांच साल छोटे बड़े लोगों ने उसकी आंखें और चाल-ढाल पहचान ली। मगर उसके बदले नाम, पहनावे और धार्मिक पहचान ने सबको हैरान कर दिया।

गांववालों ने पुलिस को बताया कि महेंद्रपाल उर्फ अब्दुल रहमान का गांव से सालों से कोई लेना-देना नहीं रहा। जमीन और मकान बेचने के बाद वह मुंबई जाकर बस गया और वहीं से उसका जीवन पूरी तरह बदल गया।

लंदन में सक्रिय भतीजा भी गैंग से जुड़ा है

इस केस में नया खुलासा यह है कि महेंद्र जादौन उर्फ अब्दुल रहमान को उसका भतीजा लंदन से धर्मांतरण के लिए फंड भेज रहा था। इससे न सिर्फ उसकी ग्लोबल कनेक्शन का संकेत मिलता है, बल्कि यह भी इशारा है कि उसके परिवार का एक और सदस्य इस्लाम कबूल कर चुका है।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि उसका दूसरा भाई कहां है और उसने भी धर्मांतरण किया या नहीं। पुलिस अब लंदन कनेक्शन की कड़ी से आगे की जांच कर रही है।

पुलिस भी हैरान, गांव भी चौंक गया

पुलिस को गांव से यह भी जानकारी मिली कि गांव वालों ने महेंद्र और उसके भाई देवेंद्र के गांव से जाने के बाद उनसे कोई संबंध नहीं रखा था। यहां तक कि जब उसके पहले ईसाई और फिर मुस्लिम बनने की जानकारी उसके नजदीकी रिश्तेदारों को हुई तो उन्होने भी उससे नाता तोड़ लिया था। रजावली थाने के प्रभारी ब्रजकिशोर सिंह ने बताया कि अब्दुल रहमान का पिछले कई दशकों से गांव से कोई सीधा संपर्क नहीं रहा। गांववालों ने इस बात से भी इंकार किया कि किसी धार्मिक गतिविधि के लिए वह गांव आता-जाता था।

SP_Singh AURGURU Editor