पीएम मोदी ने मुख्य सचिवों के सम्मेलन को किया संबोधित, विकसित भारत के सपने को सच करने का दिया मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन के दौरान गवर्नेंस और सुधारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। यह सम्मेलन एक कॉमन डेवलपमेंट एजेंडा को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से गहन विचार-विमर्श के लिए समर्पित रहा।
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को मुख्य सचिवों के सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्य सचिवों के सम्मेलन में इस साल का थीम 'विकसित भारत के लिए मानव पूंजी' था। पीएम मोदी ने सम्मेलन को लेकर जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की। पीएम मोदी ने पोस्ट में लिखा कि मैंने मुख्य सचिवों के सम्मेलन को संबोधित किया। इस साल का थीम 'विकसित भारत के लिए मानव पूंजी था। पीएम ने बताया कि मैंने इस बारे में अपने विचार साझा किए कि हम मिलकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने, गरीबों को सशक्त बनाने और विकसित भारत के अपने सपने को साकार करने के लिए कैसे काम कर सकते हैं।
युवा हैं रिफॉर्म्स एक्सप्रेस का मुख्य इंजन
पीएम मोदी ने कहा कि चीफ सेक्रेटरीज की यह कॉन्फ्रेंस ऐसे समय में हुई है जब भारत में अगली पीढ़ी के रिफॉर्म्स हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हो गया है और इस रिफॉर्म एक्सप्रेस का मुख्य इंजन भारत के युवा हैं, हमारी डेमोग्राफी है। इसीलिए, हमारा प्रयास इस डेमोग्राफी को सशक्त बनाना है।
पीएम ने कहा कि हमने जो कुछ भी करते हैं, उसमें क्वालिटी के महत्व पर ज़ोर दिया। इसमें गवर्नेंस, डिलीवरी और मैन्युफैक्चरिंग में क्वालिटी अहम है। उन्होंने कहा कि आइए, 'मेड इन इंडिया' लेबल को क्वालिटी का पर्याय बनाने और 'जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में काम करें।
लोगों की जिंदगी में पॉजिटिव चेंज
प्रधानमंत्री ने कहा कि गवर्नेंस और सर्विस डिलीवरी के मामलों में नया वर्क कल्चर बनाने के लिए उठाए गए खास कदमों पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोगों की जिंदगी में पॉजिटिव चेंज लाने के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करने के बारे में भी बात की गई। स्किल डेवलपमेंट, हायर एजुकेशन, यूथ एम्पावरमेंट, स्पोर्ट्स और दूसरे कई विषयों पर भी चर्चा हुई।
राज्यों से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बेहतर बनाने और सर्विस सेक्टर को मजबूत करने का आग्रह किया। आइए हम भारत को एक ग्लोबल सर्विस जायंट बनाने का लक्ष्य रखें। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में दुनिया का फूड बास्केट बनने की क्षमता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें हाई-वैल्यू एग्रीकल्चर, बागवानी, पशुपालन, डेयरी और मछली पालन की तरफ बढ़ना चाहिए। इसी तरह भारत एक बड़ा फूड एक्सपोर्टर बन सकता है।