नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म और जबरन शादी के दोषी को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 20 साल की कठोर कैद
-आरके सिंह- बरेली। बरेली की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने सात साल पुराने नाबालिग से अपहरण, दुष्कर्म और जबरन शादी के मामले में दोषी युवक को कड़ी सजा सुनाई है। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नरेंद्र प्रकाश ने पीलीभीत जिले के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के गांव गौहनिया चौराहा निवासी पवन राणा (27) को पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 14 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विशेष लोक अभियोजक आलोक प्रधान ने बताया कि सुभाषनगर थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले के निवासी व्यक्ति ने 19 सितंबर 2019 को थाना सुभाषनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उसकी 16 साल की बेटी घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी पवन राणा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। काफी तलाश के बाद भी बेटी का कोई पता नहीं चला।
पीड़ित पिता की तहरीर पर थाना सुभाषनगर में आरोपी के खिलाफ धारा 363, 366, 376(2)(एन) भारतीय दंड संहिता तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचक उपनिरीक्षक विक्रम सिंह, जो वर्तमान में जनपद बदायूं के थाना कादरचौक में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात हैं, ने की। जांच के दौरान नाबालिग से जबरन शादी और उसके साथ यौन संबंध बनाने के आरोपों की पुष्टि होने पर आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक आलोक प्रधान की ओर से अदालत में पांच गवाह पेश किए गए। सात वर्ष पुराने इस मामले में पीड़िता, वादी तथा अन्य गवाह अपने बयानों पर कायम रहे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट नरेंद्र प्रकाश ने आरोपी पवन राणा को दोषी करार दिया।
अदालत ने आरोपी को धारा 363 भादवि में 4 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000 रुपये अर्थदंड, धारा 366 भादवि में 5 वर्ष का कठोर कारावास एवं 4,000 रुपये अर्थदंड तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 8,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। कुल 14,000 रुपये का अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।