बीपीसीएल डिपो के अधिकारी को धमकाने वाले पेट्रोल पंप मालिक के बेटे समेत चार को पुलिस ने किया अंदर
-आरके सिंह- बरेली। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के आंवला डिपो में घुसकर अधिकारी को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए पेट्रोल पंप मालिक के बेटे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के बाद न सिर्फ डिपो की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है।
डिपो में घुसकर दी धमकी, दर्ज हुआ मुकदमा
बीपीसीएल डिपो के प्रबंधक स्वप्न कुमार मांझी ने थाना आंवला में शिकायत दर्ज कराई थी कि 26 मार्च की रात को सम्भल जिले के जोया रोड स्थित ताज फिलिंग स्टेशन के प्रोप्राइटर गफ्फार अहमद के पुत्र आसिफ अहमद ने डिपो में घुसकर एक अधिकारी को देख लेने की धमकी दी।
शिकायत के अनुसार, आसिफ अपने 3-4 साथियों के साथ डिपो परिसर में अवैध रूप से प्रवेश कर गया था। सुरक्षा जांच के दौरान उसके साथी दीवार कूदकर फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने तत्काल बीएनएस की धारा 351(2), 329(3), 221 और 308(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया।
चारों आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गए
क्षेत्राधिकारी आंवला नितिन कुमार ने बताया कि एसआई बिहारीलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शनिवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ अहमद (31 वर्ष) निवासी डिडौली, अमरोहा, सलमान उर्फ कल्लू (25 वर्ष) , शाहरुख उर्फ कल्लू (24 वर्ष) और शहजान (19 वर्ष) निवासी मनौटा, असमोली, सम्भल शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में कबूला अपराध
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे 26 मार्च की रात डिपो में अवैध रूप से घुसे थे। उन्होंने डीजल-पेट्रोल की मांग की और मना करने पर प्रबंधक को धमकाते हुए रुपये की मांग भी की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को एडीएम पूर्णिमा सिंह और एसपी उत्तरी मुकेश सिंह ने डिपो का निरीक्षण किया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रवेश द्वार पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है, तो अवांछनीय तत्व अंदर कैसे पहुंच गए। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए और हर संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा। इस दौरान एसडीएम विदुषी सिंह और सीओ नितिन कुमार भी मौजूद रहे।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि पेट्रोल पंप संचालक के बेटे को डिपो में प्रवेश करने की जरूरत क्यों पड़ी और डिपो प्रबंधन से उसका विवाद किस कारण हुआ। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद आरोपी परिसर में कैसे घुसने में सफल रहे।