शादियों में कैश-ज्वेलरी पार करने वाले गैंग के सदस्यों के पोस्टर बरातघरों में लगवा रही पुलिस
आगरा में शादियों का सीजन शुरू होते ही पुलिस ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के निर्देश पर शादियों में सक्रिय चोर और चेन स्नेचर गैंग के सदस्यो पर शिकंजा कसने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस द्वारा इस गैंग के लगभग 200 लोगों को चिह्नित कर लिया है और शहर के सभी शादी घरों, गेस्ट हाउस और आयोजन स्थलों इनके पोस्टर लगवाए जा रहे हैं, ताकि वे परिवार सतर्क रहें जो शादी की व्यस्तता में इस गैंग का निशाना बन जाते हैं। इसके साथ ही आगरा पुलिस ने शहर के कुछ स्थानों पर उन लुटेरों के पोस्टर भी लगवा दिये हैं जो पिछले दस साल से अपराधों की दुनिया में सक्रिय हैं। ऐसा जनता को जागरूक करने के लिए किया गया है।
-डीसीपी सिटी बोले- शादियों का सीजन शुरू होते ही आगरा पुलिस एलर्ट मोड पर, दस साल से सक्रिय अपराधियों के पोस्टर भी लगाए जा रहे
आगरा। हर साल शादियों का सीजन शुरू होते ही चोर-उचक्के और चैन स्नेचिंग गैंग सक्रिय हो जाते हैं। इसे देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट आगरा ने सख्त रणनीति अपनाई है। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि शादी वाले स्थानों पर ज्वेलरी और कैश चोरी तथा चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों को रोकने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं, जो दिन-रात इन अपराधियों की निगरानी करेंगी।
डीसीपी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पिछले कुछ सालों में शादी स्थलों पर ज्वेलरी और कैश चोरी की घटनाओं का ट्रेंड देखा तो यह पता चला कि मध्य प्रदेश के रहने वाला गैंग आगरा में आकर यह वारदातें करता है। इस गैंग में बच्चे, महिलाएं तक होती हैं, जो महंगे कपड़े पहनकर शादियों में मेहमान बनकर घुस जाते हैं और दूल्हा-दुल्हन के कमरों या मेकअप रूम से मौका लगते ही कैश और ज्वेलरी पर हाथ साफ कर देते हैं। उन्होंने बताया कि इस गैंग 150 से 200 सदस्यों के फोटोग्राफ आगरा पुलिस को मिले हैं।
उन्होंने बताया कि शहर के मैरिज होम्स, गेस्ट हाउस आदि में इस गैंग के सदस्यों के फोटो वाले पोस्टर लगाए जा रहे हैं। बरात घर संचालकों को निर्देशित किया जा रहे है कि वे वर-वधू पक्ष को इन अपराधियों के प्रति सतर्क करें, ताकि यदि पोस्टर में दिख रहे कोई व्यक्ति नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
डीसीपी सैयद अली अब्बास ने कहा, हमने सभी शादी घरों में पुलिस टीमें लगा दी हैं। पोस्टरों के माध्यम से जनता को जागरूक किया जा रहा है। हमारा पहला लक्ष्य यही है कि कोई घटना हो ही नहीं। यदि कोई संदिग्ध दिखे तो पुलिस को तुरंत सूचित किया जाए।
उन्होंने बताया कि बरात घर संचालकों से कहा गया है कि हर स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं, ताकि कोई भी आपराधिक गतिविधि रिकॉर्ड हो सके और घटना के बाद आरोपी की पहचान में आसानी रहे।
दस साल से सक्रिय अपराधियों के पोस्टर भी लगे
डीसीपी ने यह भी बताया कि आगरा के ऐसे अपराधी जो पिछले दस वर्षों से सक्रिय हैं, उनके भी फोटो और विवरण सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य जनता को सतर्क करना है ताकि किसी भी क्षेत्र में इन अपराधियों के दिखने पर लोग सतर्क हों और पुलिस को भी समय पर सूचना मिल सके। वहीं, जो अपराधी अपराध छोड़ चुके हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं, उनसे पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
डीसीपी सिटी ने कहा कि शादियों में बाहर के लोग आते हैं, अच्छे कपड़े पहनकर मेहमान बन जाते हैं और फिर कैश-ज्वेलरी लेकर फरार हो जाते हैं। अगर किसी को ऐसे संदिग्ध लोग नजर आएं तो बिना देरी के पुलिस को सूचित करें। जनसहयोग से ही अपराधियों पर लगाम लगाई जा सकती है।