पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रधानाचार्य परिषद ने दिया धरना 

आगरा। उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद आगरा इकाई ने आज धरना देकर शिक्षकों,प्रधानाचार्यों और कर्मचारियों के हितों के लिए व्यापक सुधारों की मांग को लेकर 14 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। 

Dec 26, 2024 - 18:20
 0
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर प्रधानाचार्य परिषद ने दिया धरना 

परिषद की मांग है कि 1993 के बाद से तदर्थ रूप से कार्यरत प्रधानाचार्यों को नियमित किया जाए। महंगाई के अनुरूप विद्यालय शुल्कों का पुनर्निर्धारण किया जाए। कर्मचारियों को वित्तपोषित विद्यालयों के समान वेतन व मानदेय की व्यवस्था हो। कक्षा 1-8 के छात्रों के सम्पूर्ण विकास के लिए शुल्क क्षतिपूर्ति की जाए। पचास फीसदी पंजीकरण शुल्क विद्यालयों को दिया जाए। प्रधानाचार्यों को अन्य संवर्गों की तरह उच्च वेतनमान दिया जाए।प्रदेश के शिक्षकों व प्रधानाचार्यों को चिकित्सा भत्ता और सेवानिवृत्त शिक्षकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। 

परिषद का कहना है कि आकस्मिक खर्चों के लिए अलग निधि का प्रावधान किया जाए। विद्यालयों को मुफ्त या रियायती दर पर बिजली दिलाई जाए। महंगाई के अनुरूप परीक्षाओं के संचालन व मूल्यांकन की दरों का पुनरीक्षण किया जाए। वित्तविहीन विद्यालयों को भी बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की तरह सुविधाएं दी जाएं। प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, भवन आदि के लिए अनुदान दिया जाए। प्रधानाचार्यों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए और 2005 से नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।

धरने की अध्यक्षता करते हुए नरेंद्र लवानिया ने कहा:"शिक्षा व्यवस्था के उत्थान और प्रधानाचार्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमारा यह आंदोलन आवश्यक है। हमारी मांगें न केवल शिक्षकों और कर्मचारियों के हित में हैं, बल्कि विद्यार्थियों और विद्यालयों की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने का माध्यम भी हैं। सरकार को इन मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

संचालन करते हुए परिषद के महामंत्री डॉ. मोहम्मद जमीर ने कहा कि हमारा संघर्ष शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं के समाधान के लिए है। वित्तीय अनियमितताओं को समाप्त करना, विद्यालयों को आधारभूत सुविधाएं प्रदान करना और शिक्षकों एवं कर्मचारियों के अधिकार सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।

धरने में प्रमुख रूप से परिषद के संरक्षक मुकेश शर्मा, प्रदेश मंत्री अनिल वशिष्ठ, अजय शर्मा, अतुल जैन, नरेंद्र देवू, ममता शर्मा, पायल जैन, जीएल जैन, डॉ चतुर सिंह, डॉ शालिनी बंसल, डॉ पीयूष शर्मा, अंजलि नाखरा, नीलम यादव, मधुवन यादव, डॉ मुकेश शर्मा, संजय सोलंकी, सोनवीर सिंह आदि शामिल रहे।