पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर का होगा सौंदर्यीकरण, अब बनेगा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र
आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन अवस्थापना विकास योजना के अंतर्गत अब आगरा के दक्षिण विधानसभा क्षेत्र स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के सौंदर्यीकरण और समग्र विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया गया है। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के प्रस्ताव पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह मंदिर न केवल ऐतिहासिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अब आध्यात्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण स्थल के रूप में उभरेगा।
प्राचीन शिवालयों में एक और अध्याय जुड़ा, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के प्रस्ताव को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की मंजूरी
धार्मिक धरोहर को मिला शासन का संरक्षण
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार, दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में स्थित प्राचीन मंदिरों का संरक्षण और पुनरुद्धार किया जा रहा है। पूर्व में श्रीमनःकामेश्वर मंदिर, बुर्जी वाला मंदिर, फूलेश्वर महादेव, जयपुर हाउस शिवालय, सीओडी कॉलोनी मंदिर के पुनरुद्धार के बाद अब पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर का भी सर्वांगीण पर्यटन विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
युवा पीढ़ी को मिलेगी धर्म-जागरूकता
मंत्री उपाध्याय ने कहा कि यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए सांस्कृतिक जागरूकता का माध्यम भी बनेगा। पर्यटन विकास से यहां ढांचागत सुधार होगा। भक्तों की सुविधाएं बढ़ेंगी और मंदिर क्षेत्र का आध्यात्मिक वातावरण और भी प्रभावशाली हो जाएगा।
और मंदिरों के विकास की तैयारी
दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कई और प्रमुख मंदिरों के विकास का प्रस्ताव भी तैयार है, जिनमें शामिल हैं- हनुमान मंदिर, रामसिया की बगीची, नगला धाकरान, भैरों मंदिर, कुटुंबी भैरों (लेटे हुए भैरों), शीतला गली, नूरी दरवाजा। इन स्थलों के सौंदर्यीकरण से क्षेत्र की धार्मिक विरासत को नया स्वरूप मिलेगा।
चार कोनों के चार शिव, सावन में विशेष पुण्य
आगरा के चारों दिशाओं में विराजमान हैं भगवान शिव के चार रूप- राजेश्वर महादेव, पृथ्वीनाथ, कैलाश महादेव और बल्केश्वर महादेव। सावन मास में लाखों श्रद्धालु इन शिवालयों की परिक्रमा कर पुण्य अर्जित करते हैं। अब पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के पर्यटन विकास से धार्मिक सर्किट को और मजबूती मिलेगी। यह सावन के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए किसी आध्यात्मिक उपहार से कम नहीं है।