आरबीएस के बिचपुरी कैंपस में 17वें दिन भी जारी धरना, विरोध में चार आंदोलनकारियों ने कराया मुंडन
आगरा में आरबीएस कॊलेज के बिचपुरी कैंपस में चल रहा विरोध आंदोलन ठंड के बढ़ते प्रकोप के बावजूद और अधिक मुखर होता जा रहा है। कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कथित तानाशाही के विरोध में आंदोलनकारियों ने 17वें दिन भी धरना जारी रखा, जबकि प्रशासन द्वारा टेंट की अनुमति न मिलने पर रोष और गहराता दिखा। विरोध के प्रतीकात्मक कदम के तौर पर चार आंदोलनकारियों ने मुंडन कराकर अपना आक्रोश प्रकट किया।
आगरा। बलवंत एजूकेशनल सोसाइटी द्वारा संचालित कृषि संकाय, टेक्निकल शिक्षा, पुस्तकालय, फार्मेसी, बीए–बीएड सहित दर्जनों संकायों में भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और तानाशाही के आरोपों के विरोध में 28 नवंबर से बिचपुरी कैंपस में चल रहा बेमियादी धरना 17वें दिन भी जारी रहा।
किसान–मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने आरोप लगाया कि कड़ाके की सर्दी के बावजूद पुलिस–प्रशासन धरनास्थल पर टेंट लगाने की अनुमति नहीं दे रहा है। उनका कहना था कि ऐसा प्रतीत होता है मानो जिला प्रशासन सोसाइटी के पदाधिकारियों के साथ मिलकर आंदोलनकारियों पर दबाव बनाने और उनके जीवन से खिलवाड़ करने पर आमादा है।
बिचपुरी प्रधान संगठन के अध्यक्ष हाकिम सिंह सोलंकी ने बताया कि धरनारत वेद प्रकाश सोलंकी, कर्मवीर सिंह, किशन सिंह और राजू ने मुंडन कराकर सोसाइटी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रशासन और प्रबंधन की अनदेखी के विरुद्ध चेतावनी है।
धरने में मुनेन्द्र परमार, राकेश कुमार राजपूत, दाताराम लोधी, बाबूलाल बाल्मीकि, गंगाराम माहौर, प्रदीप राणा, भूपाल सोलंकी, त्रिलोकी सोलंकी, मेघ सिंह सोलंकी, हरिओम मुखिया, सोनू शर्मा, सुभाष सोलंकी, खूबचंद, काना, मनु सिनसिनवार, मानवेन्द्र सोलंकी, महेंद्र प्रताप, गोबिंदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।