हत्या और धोखे की सजा: बरेली की अदालत ने प्रेमी और दो दोस्तों को दी उम्र कैद 

-आरके सिंह- बरेली। चार साल पुराने बहुचर्चित प्रिया हत्याकांड में बरेली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए प्रेमी राजवीर और उसके दो साथियों सतेंद्र व गोवर्धन को उम्र कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों पर कुल एक लाख 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से 75 हजार रुपये मृतका के पिता को देने का आदेश दिया गया।

Aug 8, 2025 - 11:45
Aug 8, 2025 - 11:47
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हत्या और धोखे की सजा: बरेली की अदालत ने प्रेमी और दो दोस्तों को दी उम्र कैद 

-शादी से इनकार करने पर कर दी थी युवती की हत्या, शव नदी किनारे दफना दिया था

अपर जिला सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव ने फैसले में टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रिया अपने गरीब पिता का सहारा बन सकती थी, उसकी हत्या केवल एक इंसान की नहीं, एक सपने की हत्या है।

प्रेमजाल, धोखा और फिर हत्या

प्रिया (19), बरेली शहर के बारादरी थाना क्षेत्र के दुर्गा नगर निवासी मजदूर चंद्रपाल की सबसे बड़ी बेटी थी। मोहल्ले की मिठाई की दुकान बाजपेई स्वीट्स पर काम करने वाले राजवीर से उसकी जान-पहचान हुई थी। राजवीर ने उसे शादी का झांसा दिया।

5 जुलाई 2021 को प्रिया घर से यह कहकर निकली थी कि वह रुद्रपुर नौकरी के सिलसिले में जा रही है। लेकिन बस अड्डे पर पहले से मौजूद राजवीर उसे बदायूं ले गया, जहां पहले से ही उसके दोस्त सतेंद्र और गोवर्धन मौजूद थे।

राजवीर ने उसे अपने दोस्त सतेंद्र के घर ले जाकर कहा कि उसे सतेंद्र के बेटे अजीत से शादी करनी होगी, क्योंकि उसके अपने घरवाले शादी के लिए तैयार नहीं हैं। प्रिया ने साफ इनकार करते हुए धमकी दी कि वह सबको जेल भेजेगी। इसी बात पर तीनों ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव को अरिल नदी के किनारे दफना दिया।

पिता की आपबीती और पुलिस की लापरवाही

प्रिया के पिता ने बताया कि बेटी के गुम होने के बाद वह कई बार थाने गए, लेकिन पुलिस ने शुरुआत में सुनवाई नहीं की। अंततः 16 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज की गई। इसके बाद एक पड़ोसन ने प्रिया को राजवीर के साथ मंदिर के पास देखने की जानकारी दी। पुलिस को सूचना देने पर आरोपियों की तलाश शुरू हुई।

घटना के बाद तीनों आरोपी चंडीगढ़ भाग गए थे। तीन महीने बाद जब उन्हें लगा कि मामला शांत हो गया है, तो वे पीड़िता के मामा से मिलकर मामला रफा-दफा करना चाह रहे थे, लेकिन मामा ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सेटेलाइट लोकेशन के आधार पर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने जुर्म स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर नदी किनारे से प्रिया का कंकाल बरामद किया गया, जिसकी डीएनए जांच से पुष्टि हुई।

एडीजीसी सुरेश बाबू साहू ने बताया कि कोर्ट में कुल 10 गवाह पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी।

SP_Singh AURGURU Editor