पुरी हादसा, दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड, एसपी-डीएम बदले, मृतक आश्रितों को 25 लाख

पुरी। ओडिशा के पुरी में रविवार की सुबह एक दुखद घटना हुई। रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ मच गई। इस हादसे में तीन श्रद्धालुओं की जान चली गई और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह घटना सुबह 4 से 5 बजे के बीच हुई। हजारों श्रद्धालु रस्मों को देखने के लिए जमा हुए थे। बताया जा रहा है कि दो रस्मों वाले ट्रक एक संकरे इलाके में घुस गए। इससे भगदड़ मच गई। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। सरकार ने कार्रवाई करते हुए पुरी के डीसीपी बिष्णु पति और पुलिस कमांडेंट अजय पाधी को सस्पेंड कर दिया है। कलेक्टर सिद्धार्थ शंकर स्वैन और एसपी विनीत अग्रवाल का ट्रांसफर कर दिया गया है। सरकार ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

Jun 29, 2025 - 18:09
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पुरी हादसा, दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड, एसपी-डीएम बदले, मृतक आश्रितों को 25 लाख

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके साथ ही उन्होंने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। पुरी के दो पुलिस अधिकारियों– पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाधी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। ओडिशा के डीजीपी वाई बी खुरानिया को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा गया है। यह पहली बार है जब रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर के पास इस तरह की कोई दुखद घटना हुई है।

मुख्यमंत्री माझी ने इस घटना पर दुख जताते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि महाप्रभु के दर्शन की तीव्र इच्छा के कारण श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की और भगदड़ मच गई। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए मैं और मेरी सरकार सभी जगन्नाथ भक्तों से क्षमा मांगते हैं। हम उन भक्तों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई है। महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति दें। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी वादा किया है। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही अक्षम्य है। सुरक्षा में चूक की तत्काल जांच की जाएगी। मैंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

चश्मदीदों का कहना है कि भगदड़ के दौरान अफरा-तफरी और कुप्रबंधन का माहौल था। स्थानीय निवासी स्वाधीन कुमार पांडा ने बताया कि मैं कल रात 2-3 बजे तक मंदिर के पास था। लेकिन प्रबंधन अच्छा नहीं था। वीआईपी लोगों के लिए एक नया रास्ता बनाया गया था और आम लोगों को दूर से निकलने के लिए कहा गया। लोग प्रवेश द्वार से ही निकलने लगे। जिससे भीड़ बढ़ गई।

उन्होंने यह भी बताया कि अनाधिकृत वाहन मंदिर के पास प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुस गए थे। इससे स्थिति और खराब हो गई। उन्होंने कहा कि रात में कोई पुलिस या प्रशासन मौजूद नहीं था। ओडिशा प्रशासन इसके लिए जिम्मेदार है। एक अन्य शख्स ने कहा कि मैंने भगदड़ में अपनी पत्नी को खो दिया। यहां पर कोई भी फायर, रेस्क्यू या अस्पताल का अधिकारी तुरंत मौके पर नहीं पहुंचा। यह एक दुखद घटना है जिसे व्यक्त नहीं किया जा सकता।