राधास्वामी बैंक की 79वीं एजीएम में डिजिटल सुरक्षा पर जोर, शेयरधारकों को लाभांश की भी घोषणा
आगरा में दयालबाग स्थित दि राधास्वामी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड की 79वीं वार्षिक आम बैठक सोमवार को गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। बैंक के तीन हजार से अधिक शेयरधारकों की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में न केवल वित्तीय प्रगति और योजनाओं की समीक्षा की गई, बल्कि बढ़ते साइबर खतरों और डिजिटल ठगी से बचाव के लिए विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया।
डिजिटल युग में सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक की शुरुआत प्रार्थना- तेरे चरणों में प्यारे ऐ पिता...से हुई, जिसके बाद सेक्रेटरी सुशांत मनोचा ने सभी शेयरधारकों, निदेशकों और अतिथियों का स्वागत किया।
बैंक के अध्यक्ष गुरसरूप सूद ने संबोधन में वर्षभर की उपलब्धियों, वित्तीय नीतियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षित डिजिटल अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सेक्रेटरी ने प्रस्तुत की प्रगति रिपोर्ट
सचिव सुशांत मनोचा ने बैंक की वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि बीते वित्त वर्ष में बैंक ने अपनी सेवाओं में स्थिर वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने शेयरधारकों को दिए जाने वाले लाभांश की घोषणा की और बैंक द्वारा शुरू की गई नई उपभोक्ता योजनाओं की जानकारी दी।
साइबर सुरक्षा सत्र बना बैठक का केंद्रबिंदु
बैठक के दौरान आयोजित साइबर सुरक्षा सत्र में बैंक अधिकारी विवेक सत्संगी ने उपस्थित लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए।
उन्होंने Merging Scam यानी कॉल मिलाकर की जाने वाली धोखाधड़ी के बारे में चेताया, जिसमें ठग कॉल मर्ज करने के बहाने से ऒडियो ओटीपी प्राप्त कर खाताधारक के अकाउंट से धन निकाल लेते हैं। उन्होंने सलाह दी कि किसी अज्ञात कॉल पर ओटीपी साझा न करें और किसी भी संदेहास्पद कॉल से सतर्क रहें।
‘संचार साथी ऐप’ बना सुरक्षा की नई ढाल
बैंक के मुख्य लेखाकार साहब सरन ने भारत सरकार के संचार साथी एप की जानकारी दी, जो मोबाइल उपयोगकर्ताओं को साइबर ठगी के खतरों से सुरक्षा प्रदान करता है। इस ऐप की प्रमुख विशेषताओं में धोखाधड़ी कॉल/मैसेज रिपोर्टिंग, खोए मोबाइल की IMEI ब्लॉकिंग, Know Your Mobile (KYM) जांच, और स्पैम रिपोर्टिंग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि दूरसंचार विभाग अब शिकायतों के आधार पर मोबाइल नंबरों को रिस्की, हाई रिस्की और वेरी रिस्की श्रेणियों में वर्गीकृत करता है।
एफआरआई सिस्टम से बढ़ेगी बैंकिंग पारदर्शिता
श्री सरन ने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने सभी बैंकों को अपने सॉफ्टवेयर को फाइनेंसियल रिस्क इंडीकेटर (एफआरआई) सिस्टम से इंटीग्रेट करने का निर्देश दिया है। राधास्वामी बैंक भी शीघ्र ही इस प्रणाली को लागू करेगा, जिससे वित्तीय जोखिमों की पहचान और नियंत्रण और अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
समापन में मिली एक नई प्रेरणा
बैठक के अंत में उपस्थित सदस्यों द्वारा साइबर सुरक्षा पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर बैंक अधिकारियों ने अत्यंत सरल और स्पष्ट रूप से दिए। सभी उपस्थित जनों ने इस ज्ञानवर्धक सत्र और वार्षिक आम बैठक की सराहना की। कार्यक्रम का समापन भक्ति गीत- तमन्ना यही है....से हुआ।
बैठक में गुरमुख सरन गुप्ता, जितेन्द्र पचौरी, अनूप सेवक, अमित कुमार, नितीश सिन्हा तथा दयालबाग के मीडिया प्रभारी जितेन्द्र कांत शर्मा सहित बैंक के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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