38 देशों के साथ ताबड़तोड़ व्‍यापार समझौते, पीएम मोदी ने बताया भारत की असली ताकत का राज  

भारत ने हाल में ताबड़तोड़ व्‍यापार समझौते किए हैं। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी राय रखी है। एक खास इंटरव्‍यू में पीएम ने बताया है कि भारत की बढ़ती न‍िगोश‍िएशन की ताकत के पीछे कई फैक्‍टर हैं। इनमें मैन्‍युक्‍चरिंग, सर्विस सेक्‍टर और एमएसएमई का बड़ा योगदान है। उन्‍होंने इस साल के बजट की भी तारीफ की।  

Feb 15, 2026 - 19:23
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38 देशों के साथ ताबड़तोड़ व्‍यापार समझौते, पीएम मोदी ने बताया भारत की असली ताकत का राज   

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए भारत की ताकत पर अपनी राय रखी है। उन्‍होंने एक न्‍यूज एजेंसी के साथ एक खास इंटरव्‍यू में दुनिया के कई ताकतवर मुल्‍कों के साथ हुए ताबड़तोड़ व्‍यापार समझौतों पर रोशनी डाली। भारत ने 38 देशों के साथ मुक्‍त व्यापार समझौते (एफटीए) किए हैं। इस पर पीएम ने कहा क‍ि मजबूत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) की वजह से भारत को यह ताकत मिली है। पीएम ने यह भी कहा कि देश में राजनीतिक स्थिरता और पूर्वानुमानित नीतियों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। उन्होंने बजट को मजबूरी का नहीं, बल्कि तैयारी और प्रेरणा का नतीजा बताया। पीएम के मुताब‍िक, यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अब व्यापार समझौतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं है। देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और छोटे-बड़े उद्योगों ने तरक्की की है। इसी वजह से भारत अब दुनिया के 38 देशों के साथ व्यापार समझौते कर सका है। यह सब इसलिए संभव हुआ है क्योंकि देश में अब राजनीतिक स्थिरता है। सरकार की नीतियां साफ और तय हैं। इससे विदेशी निवेशक भारत में पैसा लगाने से डरते नहीं हैं।  
 
पीएम मोदी ने इस साल के बजट की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह बजट कोई मजबूरी में नहीं बनाया गया है। यह 'अभी नहीं तो कभी नहीं' वाला मौका नहीं है। इसके बजाय यह इस बात का सबूत है कि हम तैयार हैं। यह बजट भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को पूरा करने की ओर एक बड़ा कदम है। यह दिखाता है कि सरकार ने आने वाले समय के लिए अच्छी तैयारी की है। यह बजट देशवासियों को प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार अब लोकलुभावन वादों के बजाय ऐसे खर्चों पर फोकस कर रही है जिनसे देश का विकास हो। उन्होंने बताया कि 2013 के मुकाबले 2026-27 तक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में पांच गुना बढ़ोतरी होगी। यह 12.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। यह दिखाता है कि सरकार विकास के कामों में भारी निवेश कर रही है।

रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'सरकार की जिम्मेदारी है कि वह मौजूदा हालात के हिसाब से रक्षा क्षेत्र को आधुनिक बनाए।' उन्होंने रक्षा बजट में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा, 'हमारे एफटीए (मुक्त व्यापार समझौते) का उद्देश्य वस्त्र, चमड़ा, रसायन, हस्तशिल्प, रत्न और अन्य क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना है।' इसका मतलब है कि इन उद्योगों को अपने उत्पाद बेचने के लिए नए बाजार मिलेंगे।

मोदी ने पिछली संप्रग सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उस सरकार के 'आर्थिक कुप्रबंधन' के कारण भारत आत्मविश्वास से बातचीत नहीं कर पा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार के समय में बातचीत शुरू होती थी और फिर टूट जाती थी। लेकिन, लंबी बातचीत के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाता था।

प्रधानमंत्री ने सुधारों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने कामों और इरादों से यह साबित किया है कि वह सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है।