सड़क निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ीः स्थलीय निरीक्षण में भड़कीं महापौर, अधिकारियों से दो दिन में रिपोर्ट तलब

आगरा में नगर निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर फिर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। पार्षदों द्वारा सदन में सड़क निर्माण में गड़बड़ी का मुद्दा उठाए जाने और जांच समिति न बनने के बाद महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण में नाले टूटी अवस्था में मिले, इंटरलॉकिंग अधूरी मिली और क्षेत्रीय लोगों ने सड़क पर डामरीकरण न होने के आरोप लगाए। महापौर ने इसे “बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की बू” बताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई।

Dec 1, 2025 - 19:07
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सड़क निर्माण में करोड़ों की गड़बड़ीः स्थलीय निरीक्षण में भड़कीं महापौर, अधिकारियों से दो दिन में रिपोर्ट तलब
सड़क निर्माण और नाले की स्थिति का निरीक्षण करतीं महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह। साथ में मौजूद पार्षद प्रवीना राजावत, रवि करौतिया, वीरेंद्र लोधी और नगर निगम अधिकारी।

आगरा। नगर निगम के विकास कार्यों पर उठ रहे सवालों के बीच सोमवार को महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह अचानक निरीक्षण के लिए निगम की टीम के साथ हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी चौराहे तक बनी सड़क पर पहुँचीं। जैसे ही निरीक्षण की जानकारी फैली, पार्षद प्रवीना राजावत, रवि करौतिया और वीरेंद्र लोधी भी मौके पर पहुंच गए।

महापौर ने सड़क निर्माण और आसपास के विकास कार्यों का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। पार्षदों ने निर्माण में हुई लापरवाहियों और कमी को मौके पर ही महापौर को दिखाया। स्थानीय लोगों और दुकानदारों से बातचीत में पता चला कि सड़क का डामरीकरण (ब्लैक टॉपिंग) किया ही नहीं गया, जबकि फाइलों में इसे पूरा दिखाया गया है।

निरीक्षण के दौरान महापौर ने पाया कि नाले जगह-जगह से टूटे पड़े हैं, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है। सड़क के किनारों पर की गई इंटरलॉकिंग भी अधूरी और खराब गुणवत्ता की पाई गई।

इस पर महापौर अधिकारियों पर भड़क उठीं। अधिशासी अभियंता अरविंद श्रीवास्तव को फटकारते हुए उन्होंने कहा कि निगम अधिकारी और ठेकेदार जनता के पैसों का बंदरबांट कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में बड़े भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

महापौर ने कहा कि अब वे पूरे शहर में जाकर निगम द्वारा किए गए विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगी और सीधे जनता से फीडबैक लेंगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाया जाएगा।

महापौर ने अधिशासी अभियंता से दो दिनों के अंदर निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट और संबंधित फाइलें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सड़क का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की गड़बड़ी की आशंका प्रतीत होती है।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने महापौर से ईंट मंडी क्षेत्र के अवैध अतिक्रमण को हटवाने की मांग की। लोगों ने बताया कि यहां हमेशा ट्रक और ट्रैक्टर खड़े रहते हैं, जिससे आवागमन बाधित होता है और धूल-मिट्टी से घरों में गंदगी फैलती है।

महापौर ने तुरंत नगर निगम अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि ईंट मंडी के नाम पर खड़े अवैध अतिक्रमण को हटाया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके। पार्षद प्रवीना राजावात, पार्षद रवि करोतिया व पार्षद वीरेंद्र लोधी भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। 

SP_Singh AURGURU Editor