सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई धार: आगरा पुलिस आईआरएडी ऐप से दुर्घटनाओं पर लगाएगी लगाम

आगरा। सड़क हादसों की रोकथाम और जांच की प्रक्रिया को तकनीकी आधार देने के लिए आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने अब एक नई पहल शुरू की है। इस दिशा में पहला कदम आईआरएडी ऐप आईआरएडी (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) का प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जो आगरा पुलिस के विवेचकों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर सड़क दुर्घटनाओं के सटीक विश्लेषण में मदद करेगा।

Jun 13, 2025 - 19:46
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सड़क सुरक्षा को मिलेगी नई धार: आगरा पुलिस आईआरएडी ऐप से दुर्घटनाओं पर लगाएगी लगाम
आगरा पुलिस कमिश्ररेट में आईआरएडी ऐप का प्रशिक्षण लेते पुलिसकर्मी।

क्या है आईआरएडी ऐप और कैसे करेगा काम?

आईआरएडी भारत सरकार की एक पहल है जो सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े डेटा को डिजिटल रूप से संग्रहित और विश्लेषित करने के लिए विकसित की गई है। इसके ज़रिए पुलिसकर्मी मौके पर ही ऐप में दुर्घटना का स्थान, समय, वाहन नंबर, संभावित कारण, मौसम की स्थिति, फोटो-वीडियो आदि दर्ज कर सकते हैं। प्रत्येक घटना को एक यूनिक आईडी दी जाती है, जिससे केस ट्रैकिंग, रिपोर्टिंग और नीति-निर्धारण में भी आसानी होती है।

ट्रेनिंग में तकनीकी दक्षता पर जोर

आईआरएडी एप के बारे में बताने के लिए आगरा पुलिस कमिश्ररेट दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस आयुक्त व अपर आयुक्त के मार्गदर्शन और डीसीपी ट्रैफिक के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें आगरा कमिश्नरेट के नगर, पश्चिमी और पूर्वी ज़ोन के सभी थानों से आए विवेचकों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण में आईआरएडी के रोलआउट मैनेजर विक्रम तोमर, टीआई ट्रैफिक अंशुल राणा, टीआईएसएस कृष्ण कुमार, टीआईएसएस विवेक कुमार और आईआरएडी एक्सपर्ट गोपाल सिंह ने प्रतिभागियों को ऐप के संचालन और तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी।

आईआरएडी सेल: डेटा की निगरानी और गुणवत्ता 

पुलिस कमिश्नरेट आगरा में अब आईआरएडी सेल की स्थापना भी की जा चुकी है, जो रोड सेफ्टी सेल के अंतर्गत काम करेगा। इस सेल का कार्य हर थाने से दुर्घटनाओं से जुड़ा डेटा पोर्टल पर दर्ज करना और उसकी गुणवत्ता को सुनिश्चित करना होगा। इससे दुर्घटनाओं की मैपिंग, विश्लेषण और नीति निर्माण में अहम सहयोग मिलेगा।

दुर्घटना रहित आगरा की दिशा में बड़ा कदम

आईआरएडी प्रणाली से यह संभव होगा कि हर दुर्घटना की वास्तविक वजह को चिन्हित किया जाए, ताकि इसका स्थायी समाधान तैयार किए जा सकें। इसमें लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निकाय सहित अन्य एजेंसियां भी जुड़कर सड़क सुरक्षा के समग्र प्रयासों में योगदान देंगी।

आगरा पुलिस की यह पहल न सिर्फ सड़क हादसों की जांच प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाएगी, बल्कि पूर्वानुमान आधारित निर्णय लेने में भी सहायक सिद्ध होगी।

SP_Singh AURGURU Editor