रोहिणी ने बयां किया दर्दः मुझे परिवार से निकाला गया, सवाल पूछने पर चप्पलों से पिटवाया जाएगा?

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने फिर एक बार सार्वजनिक रूप से अपने ही परिवार को कटघरे में खड़ा किया है। भावुक ट्वीट और आरोपों की बौछार करते हुए रोहिणी ने कहा कि उन्हें परिवार से निकाला गया है। वह कहती हैं कि उनके पास अब कोई परिवार नहीं है। रोहिणी ने साफ कहा कि सवाल पूछने पर गालियां मिलेंगी, क्या चप्पल से पिटवाया जाएगा? जो चाणक्य बन रहा है, उससे सवाल पूछिए। ये सवाल सीधे-सीधे बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनके सलाहकार माने जाने वाले संजय यादव की ओर हैं।

Nov 15, 2025 - 22:58
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रोहिणी ने बयां किया दर्दः मुझे परिवार से निकाला गया, सवाल पूछने पर चप्पलों से पिटवाया जाएगा?

पटना। बिहार के सियासी गलियारों में एक बार फिर लालू प्रसाद यादव की पारिवारिक खींचतान से उठती टीस गूंजने लगी है। लालू यादव की छोटी बेटी रोहिणी आचार्य, जो अक्सर अपने तल्ख बयानों से चर्चा में रहती हैं, ने रविवार रात सोशल मीडिया पर कई ट्वीट कर एक भावनात्मक संदेश में आरोप लगाया कि उन्हें यकायक परिवार से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने लिखा- ‘मुझे परिवार से निकाला गया। मेरा कोई परिवार नहीं है। सवाल कीजिए तेजस्वी यादव और संजय यादव से।‘

रोहिणी आचार्य के ये आरोप बिहार की राजनीति के लिए बेहद संवेदनशील है, क्योंकि तेजस्वी यादव वर्तमान में राजद का चेहरा बने हुए हैं और संगठन के भीतर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। दूसरी तरफ संजय यादव को तेजस्वी का राजनीतिक रणनीतिकार माना जाता है।

रोहिणी आचार्य ने क्या कहा?

सवाल पूछने पर क्या चप्पल से पिटवाया जाएगा? जो चाणक्य बन रहा है, उससे पूछिए कि मुझे क्यों निकाला गया? जब मैंने सच्चाई पूछी तो मुझे अपमानित किया गया, अब मैं अकेली हूं। रोहिणी के इस ताजा बयान ने यह संकेत दिया है कि यदि परिवार के भीतर ये हालात हैं, तो जनता के बीच दिखाई देने वाले चेहरे का संतुलन क्या हो सकता है।

इससे पहले एक्स पर पोस्ट कर रोहिणी आचार्य ने राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा के साथ यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि वे परिवार से भी नाता तोड़ रही हैं। इस पोस्ट के कुछ समय बाद रोहिणी ने यह दूसरा पोस्ट कर अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके मुख्य सलाहकार संजय यादव को निशाने पर लिया है। रोहिणी आचार्य ने अपने परिवार पर अस्वीकार करने का आरोप लगाया है। सीधे-सीधे तेजस्वी यादव और संजय यादव पर उंगली उठाई है। उन्होंने सवाल पूछने पर अपमान की बात भी उठाई है। बयान में 'भावुकता' और 'राजनीतिक संकेत' दोनों गहरे हैं।

ये है विवाद की पृष्ठभूमि

पहले भी कई बार रोहिणी ने अपने खानदान की आंतरिक सियासत पर तंज कसे हैं। उन्होंने मां राबड़ी देवी और पिता लालू यादव के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है, मगर तेजस्वी के साथ उनके मनमुटाव की खबरें मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर आती रही हैं।

इस ताज़ा बयान से न सिर्फ परिवार के अंदर के संघर्ष का अंदाज़ा मिलता है, बल्कि बिहार के क्षेत्रीय दलों की राजनीति में परिवारवाद और नियंत्रण के नए आयाम भी उभरकर सामने आ रहे हैं।

SP_Singh AURGURU Editor