रोहिणी बोलीं- किसी घर में मेरी जैसी बेटी न होः मुझे गालियां दी गईं, मारने को चप्पल उठाई गई, कहा गया कि करोड़ों लेकर पिता को गंदी किडनी लगवाई, मजबूरी में रोते मां-बाप और बहनों को छोड आई

‘कल मुझे गालियां देकर कहा गया कि मैंने अपने पिता को गंदी किडनी लगवाई। करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया, तब जाकर किडनी दी…किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी न हो।‘ लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के ये शब्द सिर्फ एक आहत बेटी की नहीं, बल्कि एक टूटे संबंध की वेदना का बयान हैं।

Nov 16, 2025 - 13:22
Nov 16, 2025 - 13:24
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रोहिणी बोलीं- किसी घर में मेरी जैसी बेटी न होः मुझे गालियां दी गईं, मारने को चप्पल उठाई गई, कहा गया कि करोड़ों लेकर पिता को गंदी किडनी लगवाई, मजबूरी में रोते मां-बाप और बहनों को छोड आई

पटना। कल शाम पटना में रोते हुए पिता के घर से निकलीं लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य न केवल राजनीति से संन्यास ले चुकी हैं बल्कि परिवार से भी सारे रिश्ते तोड़ने का ऐलान कर चुकी हैं। परिवार की अंदरूनी कलह अब खुलकर सड़क तक आ गई है। देर रात एक्स (पूर्व ट्विटर) पर रोहिणी ने सिलसिलेवार ट्वीट्स कर एक-एक कर अपने दिल का गुबार निकाला और आरोप लगाया कि उन्हें परिवार से निकाल दिया गया। आज सुबह से रोहिणी आचार्य फिर से एक्टिव हो गई हैं। सुबह से दो पोस्ट कर उन्होंने अपना दर्द बयां किया है। 

रोहिणी कल तक इशारों में अपने भाई तेजस्वी यादव, उनके सलाहकार संजय यादव और रमीज को खुद की इस हालत के लिए जिम्मेदार ठहरा रही थीं। अब वे खुलकर तेजस्वी पर आरोप लगा रही हं। इस विवाद ने न केवल परिवार की सियासत को झकझोर दिया है, बल्कि आरजेडी परिवार में आंतरिक दरार को भी उजागर कर दिया है।

आज सुबह रोहिणी ने दो और पोस्ट किए और गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पहली पोस्ट में लिखा-

कल एक बेटी एक बहन एक शादीशुदा महिला एक मां को जलील किया गया। गंदी-गंदी गालियां दी गईं। मारने के लिए चप्पल उठाई गई। मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेज्जती झेलनी पड़ी। कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़ आई। मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। आप सब मेरे रास्ते कभी न चलें। किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी बहन पैदा ना हो।
इसके बाद रोहिणी आचार्य ने दूसरे पोस्ट में लिखा-

कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी, करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया, तब लगवाई गंदगी किडनी। सभी भाई-बहन, जो शादीशुदा हैं, उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो तो भूलकर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं। अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोलें कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे। सभी बहन-बेटियां अपना घर, परिवार देखें, अपने माता-पिता की परवाह किये बिना अपने बच्चे, अपना काम, अपना ससुराल देखें। सिर्फ अपने बारे में सोचें। मुझसे तो तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनों बच्चों को नहीं देखा। किडनी देते वक्त न अपने पति, न ससुराल से अनुमति ली। अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया, जिसे आज गंदा बता दिया गया। आप सब मेरे जैसी गलती कभी ना करें। किसी घर रोहिणी जैसी बेटी न हो।

रोहिणी आचार्य के दो ताजा पोस्ट से एक बात तो साफ है कि कल पटना में लालू प्रसाद के आवास की दीवारों के पीछे जो कुछ हुआ, उसने रोहिणी को गहरे आहत किया है। यह भी साफ हो चला है कि रोहिणी के निशाने पर उनके अपने भाई तेजस्वी के साथ उनके सलाहकार संजय यादव और रमीज हैं। कल रोहिणी जिस समय रोते हुए मायके से निकली थीं, उससे माना जा रहा था कि परिवार के मुखिया लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी इस विवाद में दखल देकर मामले को सुलझा लेंगे, लेकिन आज सुबह रोहिणी द्वारा किये गये ताजा पोस्ट से साफ है कि विवाद बढ़ता ही जा रहा है।

परिवार के भीतर हुए इस विवाद के पीछे बिहार चुनाव में आरजेडी की करारी हार को माना जा रहा है। बताया जाता है कि रोहिणी ने हार की समीक्षा की मांग की, और यह जानना चाहा कि किन सलाहकारों की वजह से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा। जब संजय यादव और रमीज का नाम लिया गया तो तेजस्वी यादव बिफर पड़े और कथित रूप से बहन के साथ बुरा व्यवहार किया।

आरजेडी के भीतर जो इस वक्त हो रहा है, वह एक सियासी परिवार की टूटन का बहुत निजी और दर्दनाक रंग दिखाता है। रोहिणी की भावनात्मक पोस्टें सिर्फ बयान नहीं हैं, बल्कि एक चेतावनी हैं कि सत्ता और परिवार के मायाजाल में रिश्ते कैसे टूटते चले जाते हैं।

SP_Singh AURGURU Editor