सोनिया-राहुल पर संबित पात्रा का तीखा हमला: नेशनल हेराल्ड घोटाला डकैती है

भुवनेश्वर। भाजपा प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने शुक्रवार को कहा कि नेशनल हेराल्ड घोटाला चोरी नहीं, डकैती है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी आधुनिक डकैत हैं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के हिस्सेदारी वाली कंपनी के जरिए हजारों करोड़ की संपत्तियां हड़पी हैं। एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड  एक डूबती हुई कंपनी थी, लेकिन उसके पास हजारों करोड़ की संपत्तियां थीं। राहुल गांधी एंड कंपनी ने 50 लाख देकर इस कंपनी को अपने कब्जे में ले लिया। ये सीधी डकैती नहीं तो क्या है?

Apr 18, 2025 - 22:00
Apr 18, 2025 - 22:01
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सोनिया-राहुल पर संबित पात्रा का तीखा हमला: नेशनल हेराल्ड घोटाला डकैती है

डॉ. संबित पात्रा ने नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस पार्टी, जो जनता के चंदे से चलती है, कैसे यंग इंडियन और एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को बैंक की तरह ऋण दे सकती है। उन्होंने कहा, यह मामला चोरी या भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि स्पष्ट डकैती है।

डॊ. संबित पात्रा की यह टिप्पणी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल करने के बाद आई है। यह मामला 25 अप्रैल को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। ​ ईडी ने यह चार्जशीट प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धाराओं 44 और 45 के तहत दाखिल की है। इसमें भारतीय दंड संहिता की धाराएं 403, 406, 420 और 120 (बी) के तहत आरोप शामिल हैं।​

यंग इंडियन और गांधी परिवार का नियंत्रण

संबित पात्रा ने कहा कि  सोनिया गांधी और राहुल गांधी द्वारा यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 76% हिस्सेदारी है (प्रत्येक के पास 38% शेयर)। यह कंपनी 2010 में बनाई गई, और इसका असली मकसद एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की संपत्तियों को हड़पना था।

पांच हजार सेनानी शेयर होल्डर थे

उन्होंने कहा कि एजेएल 1937-38 में जवाहर लाल नेहरू ने शुरू की थी और इसमें उस समय के पांच हजार स्वतंत्रता सेनानियों ने पैसा लगाया था और ये सभी सेनानी इस कंपनी में शेयर होल्डर थे। यह कंपनी नेशनल हेराल्ड, कौमी आवाज और नवजीवन जैसे अखबारों का प्रकाशन करती थी।

महज 50 लाख में ट्रांसफर करा ली एजेएल

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि एजेएल के घाटे में आने पर कांग्रेस ने इस कंपनी को 90 करोड़ का लोन अखबारों को पुनर्जीवित करने के नाम पर दिया। बाद में कांग्रेस ने यह कर्ज यह कहते हुए माफ कर दिया कि एजेएल कर्ज को चुका नहीं पा रहा। बाद में यही एजेएल कंपनी यंग इंडियन नाम की नई कंपनी को को महज 50 लाख रुपए में ट्रांसफर कर दी गई।

 सोनिया, राहुल, वोरा और ऑस्कर की भूमिका

संबित पात्रा ने कहा कि इस समूचे घोटाले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा और आस्कर फर्नांडीज मुख्य भूमिका में रहे। सोनिया उस समय कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी महासचिव तथा मोतीलाल वोरा कांग्रेस कोषाध्यक्ष थे। वोरा एजेएल के निदेशक भी थे। यही चारों लोग यंग इंडियन कंपनी में भी शेयरधारक थे।

संपत्तियों की हेराफेरी का आरोप

एजेएल के पास दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, भोपाल, पटना समेत कई शहरों में प्राइम लोकेशन पर करीब सौ संपत्तियां हैं, जिनकी कीमत लगभग पांच हजार करोड़ रुपये के आसपास है। पात्रा ने आरोप लगाया कि यंग इंडियन के जरिए गांधी परिवार ने इन सभी संपत्तियों पर नियंत्रण कर लिया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पैसे से निजी संपत्ति अर्जित कर ली।

SP_Singh AURGURU Editor