बरेली कलेक्ट्रेट में सनातन उत्सव, खिचड़ी भोज ने रचा समरसता का संगम
बरेली। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में परंपरा, श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द का अनुपम दृश्य देखने को मिला, जब प्रशासन की ओर से भव्य खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे से ही कलेक्ट्रेट परिसर श्रद्धालुओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों से भर गया। हर ओर उल्लास, अपनत्व और सनातन परंपराओं की खुशबू महसूस होती रही।
खिचड़ी भोज में श्रद्धालुओं को खिचड़ी, शुद्ध घी, दही और पारंपरिक व्यंजन श्रद्धापूर्वक परोसे गए। कलेक्ट्रेट अधिकारी, कर्मचारी, तहसील सदर, कचहरी व कलेक्ट्रेट में आने वाले नागरिकों के साथ-साथ समाजसेवियों ने भी बड़ी संख्या में सहभागिता की।
सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संतोष कुमार सिंह ने कहा कि खिचड़ी भोज का उद्देश्य सनातन संस्कृति की परंपराओं को सहेजना और समाज में आपसी समरसता को मजबूत करना है। ऐसे आयोजन प्रशासन और आमजन के बीच दूरी को भी कम करते हैं।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता से आयोजन सफल रहा। खिचड़ी वितरण से आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई और सामाजिक जुड़ाव और मजबूत हुआ।
अपर जिलाधिकारी (सिटी) सौरभ दुबे ने कहा कि इस तरह के आयोजन आपसी भाईचारे को बढ़ाते हैं और हमारी सांस्कृतिक जड़ों को जीवंत बनाए रखते हैं।
पुरानी परंपरा, नया उत्साह
प्रशासनिक अधिकारी शिवेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कलेक्ट्रेट में खिचड़ी भोज का आयोजन वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसे कलेक्ट्रेट कर्मी पूरे उत्साह और समर्पण के साथ निभाते हैं। वहीं नजीर सदर त्रिवेणी सहाय ने कहा कि इस अवसर पर धार्मिक भावना और भाईचारे का वातावरण स्वतः ही बन जाता है।
कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना की।
अंत में अंकित पटेल, संजीव कश्यप, राकेश (प्रशासनिक अधिकारी), राहुल गंगवार और अमरदीप सक्सेना ने खिचड़ी भोज में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वालों को धन्यवाद दिया।
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