जिला महिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, तीन महीने से वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने काम किया ठप, वार्डों में गंदगी का अंबार

आगरा। जिला महिला चिकित्सालय में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। अस्पताल में तैनात सफाईकर्मियों ने तीन महीने से वेतन न मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया है, जिसके कारण वार्डों, ओपीडी, शौचालयों और कॉरिडोर में गंदगी का अंबार लग गया है। मरीजों और तीमारदारों को बेहद असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

Dec 4, 2025 - 13:09
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जिला महिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, तीन महीने से वेतन न मिलने पर कर्मचारियों ने काम किया ठप, वार्डों में गंदगी का अंबार
हड़ताल पर बैठे सफाईकर्मी।

आगरा। जिला महिला चिकित्सालय में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। अस्पताल में तैनात सफाईकर्मियों ने तीन महीने से वेतन न मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया है, जिसके कारण वार्डों, ओपीडी, शौचालयों और कॉरिडोर में गंदगी का अंबार लग गया है। मरीजों और तीमारदारों को बेहद असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

अस्पताल में सफाई कार्य देखने वाली ऑल सर्विस ग्लोबल कंपनी के अधीन कुल 17 कर्मचारी काम करते हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। पीएफ का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। उन्हें मजबूरी में आज काम बंद करना पड़ा है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना वेतन के परिवार चलाना मुश्किल हो गया है, इसलिए अब जब तक भुगतान नहीं होगा, वे काम नहीं करेंगे। 

अस्पताल में गंदगी का संकट

सफाईकर्मियों की हड़ताल का सीधा असर अस्पताल की स्थिति पर दिख रहा है। वार्डों में कूड़ा जमा है। शौचालयों की हालत खराब है। दवाइयों और भोजन वितरण वाले क्षेत्रों में भी सफाई न होने की समस्या हो रही है। रोगियों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। अस्पताल में भर्ती प्रसूता मरीजों और उनके परिजनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। कई लोगों ने कहा कि ऐसे माहौल में मरीजों की सुरक्षा और स्वच्छता दोनों खतरे में हैं।

अस्पताल प्रशासन और कंपनी में ठनी

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कंपनी के साथ भुगतान से जुड़ा मामला है, हम जल्द हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं कर्मचारियों ने साफ कहा कि वेतन और पीएफ मिलने तक काम शुरू नहीं किया जाएगा।

मामला पकड़ रहा है तूल

वार्डों की बिगड़ती स्थिति और कर्मचारियों की हड़ताल के बीच यह मुद्दा धीरे-धीरे तूल पकड़ रहा है।  परिवारजन और मरीज प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग कर रहे हैं। अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ सकता है।