मार्कशीट में सुधार के लिए 10 हजार की रिश्वत, यूपी बोर्ड कार्यालय बरेली का वरिष्ठ सहायक रंगे हाथ गिरफ्तार
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय, बरेली में तैनात एक वरिष्ठ सहायक को सतर्कता विभाग की टीम ने छात्र की इंटरमीडिएट मार्कशीट में नाम और उसकी मां के नाम की त्रुटि सुधारने के एवज में कथित तौर पर 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शिकायत के सत्यापन के बाद सतर्कता टीम ने 20 अगस्त को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की और आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद कर ली।
सतर्कता विभाग के पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद नावेद के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय, बरेली में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात है और उसका कार्यालय कमरा नंबर 22 में है। आरोपी मूल रूप से फर्रुखाबाद जिले के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र स्थित 180 भूसा मंडी का निवासी बताया गया है।
मार्कशीट में थी नाम की त्रुटि
सतर्कता विभाग के मुताबिक एक छात्र की इंटरमीडिएट की मार्कशीट में उसके नाम से संबंधित त्रुटि थी। मार्कशीट में नाम के आगे लिखे ‘कु.’ को सही कराया जाना था। इसके अलावा छात्र की मां के नाम में भी त्रुटि दर्ज थी। इन दोनों सुधारों के लिए छात्र माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक मोहम्मद नावेद के पास पहुंचा था।
आरोप है कि संबंधित रिकॉर्ड में सुधार करने के बदले मोहम्मद नावेद ने छात्र से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। छात्र ने रिश्वत देने के बजाय इसकी शिकायत उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान की बरेली सेक्टर इकाई के अधिकारियों से कर दी।
शिकायत की पुष्टि के बाद बनाई गई योजना
शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की। अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने के लिए कार्रवाई की योजना तैयार की गई।
20 अगस्त को सतर्कता विभाग की टीम शिकायतकर्ता के साथ माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंची। तय योजना के तहत शिकायतकर्ता ने आरोपी मोहम्मद नावेद को 10 हजार रुपये नकद दिए। जैसे ही आरोपी ने कथित रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, सतर्कता टीम ने उसे मौके पर पकड़ लिया।
टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। गिरफ्तारी के बाद सतर्कता विभाग की ओर से आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।