अवधपुरी जिनालय में दिव्य आभा के साथ सम्पन्न हुआ श्री पदमप्रभु विधान का आयोजन
बोदला स्थित अवधपुरी के श्री पदमप्रभु जिनालय में 30 नवंबर को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत श्री पदमप्रभु विधान का मंगलमय आयोजन अत्यंत विधि-विधान और उमंगपूर्ण श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में साधर्मी परिवारों ने प्रभु की आराधना कर दिव्य अनुभूति प्राप्त की।
आगरा। अवधपुरी स्थित श्री पदमप्रभु जिनालय में 30 नवंबर को आयोजित श्री पदमप्रभु विधान का भव्य और पावन आयोजन जैन समाज की व्यापक उपस्थिति और आध्यात्मिक उल्लास के मध्य पूर्ण श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातः 7 बजे श्रीजी के जलाभिषेक और शांतिधारा के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें समाजजन बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। शांत संगीत, मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण ने सम्पूर्ण परिसर को दिव्य और शांतिमय आभा से आलोकित कर दिया।
अभिषेक के उपरांत विधान की विविध पूजन-विधियों, मंगलाष्टकों और आराधना क्रम को अत्यंत विधि-विधान, अनुशासन और पवित्रता के साथ सम्पन्न किया गया। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन को आत्मकल्याण, सम्यक भावना, आध्यात्मिक शांति और अंतर्मन की निर्मलता का अनुपम अवसर बताया।
प्रातःकाल से ही अनेक साधर्मी परिवार जिनालय पहुँचकर प्रभु पदमप्रभु की कृपा का वरण करते रहे। श्रीजी के समक्ष निरंतर भक्ति, आराधना और शुभेच्छाओं की धारा प्रवाहित होती रही, जिसने वातावरण को और भी अधिक पवित्र और आध्यात्मिक बना दिया।
समाजजनों ने कहा कि ऐसे पावन धार्मिक आयोजन समुदाय में सात्त्विकता, संस्कार, आध्यात्मिक ऊर्जा और समूहिक सद्भाव का प्रसार करते हैं।
कार्यक्रम में प्रवीन कुमार जैन, विवेक जैन, इंद्रप्रकाश जैन, रवि जैन, नरेंद्र कुमार जैन, जितेंद्र जैन, मनीष जैन, धवल जैन, राकेश जैन, शुभम जैन, रीता जैन, करुणा जैन, पुष्पा जैन, सीमा जैन, सुनीता जैन, शालू जैन सहित अवधपुरी जैन समाज के वरिष्ठों एवं समस्त साधर्मी परिवारों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।