श्रीमद्भागवत कथा में श्रीराम-श्रीकृष्ण प्राकट्योत्सव: भक्तों ने झूमते हुए की उपहारों की वर्षा

आगरा। शहर का कथा पंडाल आज भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव के अवसर पर भक्तगण गोप-गोपी के रूप में सज-धज कर आए और झूमते-नाचते भगवान के जन्मोत्सव में सम्मिलित हुए। पंडाल को सतरंगी पुष्पों और गुब्बारों से अलंकृत किया गया। भक्तों के जयघोष, शंखनाद और उपहार वितरण ने माहौल को अद्भुत दिव्यता से भर दिया। बाल रूप में श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए हर भक्त ललायित नजर आया।

Nov 26, 2025 - 19:06
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श्रीमद्भागवत कथा में श्रीराम-श्रीकृष्ण प्राकट्योत्सव: भक्तों ने झूमते हुए की उपहारों की वर्षा
श्रीमद भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की लीला के दौरान का एक दृश्य।

बोदला क्षेत्र के महारानी बाग में आयोजित कथा के चौथे दिन भगवताचार्य दिनेश दीक्षित ने श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव के साथ-साथ भक्त ध्रुव, प्रह्लाद, अजामिल और जड़ भरत की कथाओं का भक्तिमय वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ध्रुव और प्रह्लाद की कथाएं हमें दृढ़ निश्चय और ईश्वर पर विश्वास से हर बाधा पार करने का साहस देती हैं। जड़ भरत की कथा आत्मा और परमात्मा के वास्तविक संबंध का बोध कराती है।

समुद्र मंथन की कथा के माध्यम से भगवताचार्य ने बताया कि जीवन में अमृत अंत में मिलता है और शिव की तरह सर्वस्व अर्पित कर विषपान करना पड़ता है। गोमाता की महिमा को भजन के माध्यम से भक्तों तक पहुंचाया गया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से ओम बिहारी, राजीव सोलंकी, डॉ. विपिन कुमार, हेमन्त चलनी वाले, धर्मवीर सिंह, लाल सिंह लोधी, अशोक शर्मा, आशा, दिलीप स्वामी, भूपेन्द्र सिंह परिहार, सुधाकर त्यागी, नीरज जैसवाल, कृष्णा, विनोद कौशिक, वीना, स्नेहलता, प्रीति राना, बृजेश चंद शर्मा, त्रिलोकी नाथ आदि उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor