चांदी लूट मामलाः मुठभेड़ में मृत नीरज की चिता पर पुलिस ने पेट्रोल डाला था- देखें वीडियो!
आगरा। चांदी लूट के आरोप में मथुरा पुलिस ने सैंया के रहने वाले जिस नीरज बघेल का एनकाउंटर किया है, उस पर तो मथुरा पुलिस पर सवाल खड़े हो ही रहे थे, अब नीरज के दाह संस्कार को लेकर सैयां पुलिस कठघरे में है। मृतक के दाह संस्कार का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें नीरज की जलती चिता पर सैयां थानाध्यक्ष का एक कारखास पेट्रोल डालता दिख रहा है। नीरज के दाह संस्कार के बाद से ही यह चर्चा चल रही थी कि उसके शव को पेट्रोल डालकर जलाया गया है, लेकिन अब वीडियो सामने आने के बाद इन चर्चाओं की पुष्टि हो गई है। नीरज की मौत और दाह संस्कार को लेकर मथुरा पुलिस के साथ सैयां पुलिस भी फंस सकती है। सवाल यह है कि पुलिस जब अपनी जगह ठीक थी तो उसने नीरज के शव के अंतिम संस्कार में पेट्रोल डाल कर दाह संस्कार की हड़बड़ी क्यों दिखाई?
-सवाल- आखिर पुलिस को नीरज के दाह संस्कार की इतनी हड़बड़ी क्यों थी कि जलती चिता पर पेट्रोल डाला गया?
-नीरज की मौत में मुठभेड़ पर पहले ही सवाल उठा चुका है परिवार, मथुरा के साथ सैयां पुलिस भी सवालों के घेरे में
मथुरा पुलिस के साथ कथित मुठभेड़ में नीरज की मौत के बाद से ही उसके परिजन आरोप लगा रहे हैं कि मथुरा पुलिस नीरज को जिंदा पकड़कर ले गई थी। इसके बाद मथुरा पुलिस ने नीरज के घर आकर उसका कमरा भी खंगाला था। इसके बाद परिजनों को खबर मिली कि मथुरा पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में नीरज की मौत हो गई है।
मथुरा के दो सर्राफ भाइयों के आगरा से मथुरा जाते समय हाईवे पर 75 किलोग्राम चांदी लूट के मामले में गुरुवार रात सैंया के गांव धाना तेहरा के रहने वाले नीरज बघेल को मथुरा पुलिस ने फरह क्षेत्र में मुठभेड़ में मार गिराया था। उसका एक साथी घायल हुआ था। नीरज का भाई मनोज गुजरात में रहता है। जब उसे अपने भाई का एनकाउंटर होने की सूचना मिली तो वह वहां से तुरंत चल दिया। मनोज ने परिजनों से कहा था कि जब तक वह आ ना जाए, नीरज का अंतिम संस्कार ना किया जाए।
नीरज के परिजनों का आरोप है कि बड़े भाई मनोज के अपने गांव पहुंचने से पहले ही पुलिस ने नीरज का अंतिम संस्कार करा दिया। यही नहीं, पुलिस ने चिता पर पेट्रोल भी डाला ताकि जल्दी से जल्दी शव का दाह हो जाए।
अब नीरज बघेल के भाई ने मथुरा पुलिस पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मेरे भाई को गुरुवार सुबह मथुरा पुलिस ने ग्वालियर रोड पर स्थित बाद गांव से उठाया था। दोपहर में पुलिस की टीम उनके घर से चांदी बरामद करने पहुंची थी। इसके बाद रात में मुठभेड़ में उसको गोली मार दी गई। मनोज का यह भी कहना है कि उनका भाई लूट में शामिल नहीं था। उसे फंसाकर मरवाया गया है। अगर उसको पुलिस ने लूट के आरोप में मौत की दी है तो पुलिस को अन्य को भी यही सजा दे दे।
मनोज ने बताया कि नीरज किसी मजिस्ट्रेट की प्राइवेट गाड़ी चलाता था। 26 जुलाई को वह कांवड़ लेने सोरों गया था। सोमवार को वह कांवड़ लेकर वापस आया और मंदिर में कांवड़ चढ़ाई। मंगलवार को वह पूरे दिन घर पर ही रहा था। बुधवार को भी वह घर पर ही रहा। गुरुवार को उसने खाना बनाने में भाभी की मदद की। दोपहर में उसके पास कोई कॉल आई। इसके बाद वह सुबह 10.30 बजे घर से गया। करीब 11 बजे मथुरा पुलिस ने उसे ग्वालियर रोड पर स्थित बाद गांव उसे उठा लिया।
दोपहर तीन बजे पुलिस उनके घर पहुंची और नीरज के कमरे में घुस गए। वहां से चांदी बरामदगी दिखाई गई। मंगलवार रात को हुई लूट में वह शामिल नहीं था। यह हो सकता है कि किसी ने उन्हें चांदी रखने को दी हो। पुलिस ने उसे जिंदा पकड़कर चांदी बरामद कर ली थी तो मारने की क्या जरूरत थी? भाई किसी साजिश का शिकार हुआ है। उसकी बाइक और मोबाइल अभी बरामद नहीं हुआ है।
भाई मनोज रो-रोककर बताता है कि उसके भाई नीरज का कभी किसी से झगड़ा तक नहीं हुआ। उसके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं है। मनोज का सवाल है कि पुलिसकर्मियों ने उसके भाई की चिता पर पेट्रोल क्यों डाला?
इधर जलती चिता में पेट्रोल डालने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सादा कपड़ों में जो व्यक्ति चिता पर पेट्रोल डालता दिख रहा है, वह थानाध्यक्ष सैंया निशामक त्यागी का कारखास रजनीश राव यादव बताया जा रहा है। क्षेत्र के लोगों ने इसकी पहचान कर ली है। परिजनों का आरोप है कि अंतिम संस्कार के समय करीब 40 पुलिसकर्मी मौजूद थे।
अब नीरज के परिजन कथित मुठभेड़ और चिता में पेट्रोल डालने को लेकर मानवाधिकार आयोग और मुख्यमंत्री से संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के लिए शिकायत करने जा रहे हैं। मामले में जांच होने के बाद के पुलिसकर्मियों की गर्दन फंस सकती है।