बहन ने लिवर डोनेट किया, फिर भी न बची भाई की जान  

आगरा। भाजपा के दिवंगत नेता राजेश अग्रवाल (सरिया वाले) के इकलौते पुत्र अंकुर अग्रवाल को बहन ने अपना लिवर डोनेट किया, लेकिन फिर भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। महज 32 साल के अंकुर के अल्पायु में निधन से हर कोई गमगीन है। आज पूर्वाह्न में जब अंकुर का अंतिम संस्कार हुआ तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें सजल थीं।

Nov 22, 2024 - 12:27
 0
बहन ने लिवर डोनेट किया, फिर भी न बची भाई की जान   

-स्व. राजेश अग्रवाल के इकलौते बेटे के निधन से हर कोई गमगीन

भाजपा के बृज क्षेत्र कोषाध्यक्ष रहे स्व. राजेश अग्रवाल के निधन के बाद अंकुर के कंधों पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। छोटी सी उम्र में अंकुर के लिवर ट्रांसप्लांट की नौबत आ गई थी। तीन बहनों के इकलौते भाई अंकुर को उसकी एक बहन ने अपना 60 प्रतिशत लिवर डोनेट किया था। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में 18 घंटे तक चली सर्जरी के बाद अंकुर को लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था।

अंकुर के छह दिन तक सारे टेस्ट करने के बाद ही लिवर ट्रांसप्लांट का निर्णय डाक्टरों ने किया था। लिवर ट्रांसप्लांट तो हो गया, लेकिन शायद बाडी ने इसे एक्स्पेक्ट नहीं किया। ट्रांसप्लांट होने के कुछ समय बाद ही अंकुर की हालत बिगड़ने लगी थी। किडनी, लंग्स और फिर हार्ट ने काम करना बंद कर दिया और देखते ही देखते इस नौजवान को मौत ने अपने आगोश में ले लिया।

पहले पति और अब बेटे के बिछोह ने समाजसेविका रजनी अग्रवाल का हाल-बेहाल कर दिया है। अंकुर ने पत्नी और एक बेटी को अपने पीछे छोड़ा है।

 

SP_Singh AURGURU Editor