बरेली में स्मैक फैक्ट्री का भंडाफोड़: खंडहर में चल रही थी, 7.5 करोड़ की ड्रग्स बरामद, छह तस्कर गिरफ्तार
-आरके सिंह- बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में इज्जतनगर थाना पुलिस और एसओजी टीम को बड़ी सफलता मिली है। रेलवे रोड नंबर-5 स्थित एक खंडहर में संचालित हो रही अवैध स्मैक फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने छह तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से साढ़े सात करोड़ रुपये की स्मैक (3.526 किलो) के साथ ही स्मैक निर्माण उपकरण, रसायन, नगदी और वाहन बरामद किए गए हैं।
-मणिपुर से मंगवाते थे मार्फिन, पुराने खंडहर को बना रखा था प्रयोगशाला
खुफिया सूचना पर हुई बड़ी कार्रवाई
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रेलवे रोड नंबर-5 पर स्थित एक खंडहर में स्मैक तैयार की जाती है। इस पर थाना इज्जतनगर प्रभारी बिजेन्द्र सिंह व एसओजी प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा और मौके से छह अभियुक्तों को दबोच लिया।
छह अभियुक्त गिरफ्तार, दो फरार
पुलिस द्वारा मौके से अकरम निवासी नई बस्ती, फतेहगंज पश्चिमी, आसिफ निवासी वार्ड-13, नई बस्ती, फतेहगंज पश्चिमी, हारून निवासी तिलियापुर, सीबीगंज, जावेद निवासी अंसारी वार्ड-9, फतेहगंज पश्चिमी, राशिद निवासी अंसारी वार्ड-7, फतेहगंज पश्चिमी, आदेश तिवारी निवासी ग्राम मनकरी, फतेहगंज पश्चिमी को गिरफ्तार किया गया है।
वहीं दो तस्कर अफजाल मुल्ला (एजाजनगर गौटिया, बारादरी) और उस्मान कुरैशी (सराय मोहल्ला, फतेहगंज पश्चिमी) मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
भारी मात्रा में ड्रग्स और उपकरण बरामद
पुलिस ने 3.526 किलो स्मैक (अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य 7.5 करोड़ रुपये), 1.46 लाख रुपये नगद, 7 मोबाइल फोन, 10 लीटर एसीटिक एनहाईड्राइड, 1 किलो सोडा, 70 ग्राम लाल रंग, 24 ग्राम कट पाउडर, स्मैक निर्माण उपकरण (भगौना, गैस सिलेंडर, छलनी, बैटरी लाइट, इलेक्ट्रॉनिक कांटा आदि), एक स्कूटी और एक स्विफ्ट कार बरामद की है।
मणिपुर से आता था कच्चा माल
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अकरम ने बताया कि वह पहले भी तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। वह मणिपुर से मार्फिन नामक रसायन मंगवाता था, जिसे अपने गिरोह के साथ मिलकर स्मैक में बदलता था। इस स्मैक को बरेली व आसपास के जिलों में आसिफ, भूरा, आरिफ, साजन आदि के जरिये सप्लाई किया जाता था।
गिरोह संपर्क के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था और पुराने खंडहर को गुप्त लैब के तौर पर प्रयोग करता था ताकि किसी को शक न हो।
एसएसपी अनुराग आर्य ने इस बड़ी सफलता पर पुलिस टीम को प्रशंसा पत्र देने की घोषणा की है। पुलिस अब फरार तस्करों की तलाश और नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी हुई है।