किसानों के दोनों आंदोलन का नहीं निकल सका हल, मांगें पूरी करने पर अड़े
आगरा। एक ओर रहनकलां समेत दर्जन भर गांवों के किसान अधिग्रहीत जमीन वापसी की मांग को लेकर कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे हैं तो दूसरी ओर कुछ किसान सहकारिता विभाग के भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नौ दिन से अन्न-जल त्यागे हुए हैं। दोनों ही मसलों का अभी तक हल नहीं निकल पाया है।
इनर रिंग रोड की एक साइड को घेरे बैठे किसानों को मनाने के सारे प्रयास विफल हो रहे हैं। किसान मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर अड़े हुए हैं। शुक्रवार की सायं विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें समझाने का प्रयास किया। विधायक ने आंदोलन समाप्त करने का आग्रह करते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से कराने का प्रयास करेंगे।
इस पर किसानों ने मुलाकात का दिन और समय बताने की जिद पकड़ ली। साथ ही लिखित आश्वासन मांगा। इस पर बात नहीं बन पाई। माना जा रहा है कि छह जनवरी को आगरा आ रहे जिले के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह धरना स्थल पर जाकर किसानों को मनाने का प्रयास करेंगे।
इधर आज किसानों के समर्थन में सपा के सांसद रामजीलाल सुमन धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सपा किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के आंदोलन को अन्ना हजारे ने भी समर्थन दिया है। इसके अलावा दिन भर किसानों के कई संगठनों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समर्थन की घोषणा की।
इधर विकास भवन पर किसानों का धरना जारी रहा। जल त्याग किए जिला अस्पताल में भर्ती किसान नेता श्याम सिंह चाहर और किसान मजदूर नेता चौ. दिलीप सिंह की हालत बिगड़ती जा रही है। आज सिटी मजिस्ट्रेट किसान नेताओं से मिलने जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अनशन खत्म करने का आग्रह किया पर किसान नेता चाहर ने साफ कहा कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक अनशन खत्म नहीं करेंगे।