नगर निगम के खिलाफ सपा का हल्ला बोल, नगर निगम तक मार्च कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन में मांग- आगरा को तत्काल आपदा घोषित करो, 1100 करोड़ की स्मार्ट सिटी परियोजना की जांच हो
आगरा। आगरा में बदहाल नागरिक सुविधाओं और जलभराव को लेकर समाजवादी पार्टी महानगर ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने संजय टॉकीज चौराहे से नगर निगम कार्यालय तक विशाल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नगर आयुक्त के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के नाम 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। शब्बीर अब्बास ने आगरा को तत्काल आपदा घोषित करने, विशेष राहत पैकेज देने और करीब 1100 करोड़ रुपये की स्मार्ट सिटी परियोजना की न्यायिक अथवा उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
जलभराव और बदहाल सड़कों पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘आगरा को आपदा घोषित करो’, ‘1100 करोड़ की स्मार्ट सिटी का हिसाब दो’, ‘नगर निगम जवाब दो’ और ‘भ्रष्टाचार बंद करो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने शहर में जलभराव, टूटी सड़कों, खुले नालों, सीवर ओवरफ्लो, बंद स्ट्रीट लाइटों और सफाई व्यवस्था की बदहाली को नगर निगम की विफलता बताया।
शब्बीर अब्बास ने कहा कि विश्व पर्यटन नगरी आगरा आज नगर निगम की नाकामी और भ्रष्टाचार का उदाहरण बन चुकी है। हर बारिश में शहर के अनेक इलाके तालाब में तब्दील हो जाते हैं, मोहल्ले और बाजार जलमग्न होते हैं, सड़कें गड्ढों में बदल गई हैं और सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। जनता टैक्स देने के बावजूद बदहाल नागरिक सुविधाएं और प्रशासनिक लापरवाही झेल रही है।
1100 करोड़ के खर्च का मांगा हिसाब
शब्बीर अब्बास ने कहा कि आगरा को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर करीब 1100 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन शहर की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना में खर्च किए गए एक-एक रुपये की न्यायिक या उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों, ठेकेदारों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
चार मौतों को बताया नगर निगम की लापरवाही
महानगर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों में खुले नालों में गिरने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने इसे नगर निगम की आपराधिक लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि एक महिला का शव नाले में डूबने के बाद चार दिन तक नहीं मिल सका और बाद में बरामद हुआ। उन्होंने चारों मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
नालों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था की मांग
सपा के 15 सूत्रीय ज्ञापन में नगर निगम सदन की नियमित बैठकें कराने, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें तत्काल चालू करने, सभी नालों और सीवरों की युद्धस्तर पर सफाई कराने, सड़क निर्माण से पहले जल निकासी की वैज्ञानिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और शहर की टूटी सड़कों व गड्ढों को तत्काल भरने की मांग की गई।
शब्बीर अब्बास ने कहा कि शहर के कई इलाकों में दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। सीवर का पानी गलियों और सड़कों पर बह रहा है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। उन्होंने नगर निगम के प्राथमिक विद्यालयों में भवन, शौचालय, पेयजल, सफाई और फर्नीचर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
100 वार्डों में फॉगिंग और स्वास्थ्य शिविर की मांग
सपा ने शहर के सभी 100 वार्डों में नियमित सफाई अभियान चलाने, फॉगिंग और मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने तथा विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की। शब्बीर अब्बास ने कहा कि इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। इसके साथ ही हर वर्ष जलभराव की समस्या झेलने वाले क्षेत्रों में स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की मांग भी की गई।
मांगें नहीं मानीं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
शब्बीर अब्बास ने उत्तर प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी महानगर आगरा जनता के साथ मिलकर नगर निगम का व्यापक घेराव करेगी। उन्होंने बड़े जनआंदोलन और लोकतांत्रिक संघर्ष की चेतावनी देते हुए कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार की होगी।