कार बाजार की आड़ में चल रहा था चोरी की गाड़ियों का खेल, 8 शातिर दबोचे, मास्टरमाइंड अब भी फरार

आगरा की लोहामंडी पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के कब्जे से करीब ₹2 करोड़ से अधिक कीमत की 11 चारपहिया गाड़ियां बरामद हुई हैं। आरोपी चाइनीज सॉफ्टवेयर से कारों के लॉक खोलते थे और चोरी के बाद इंजन व चेसिस नंबर बदलकर कार बाजार के जरिए उन्हें बेच देते थे। गिरोह का मास्टरमाइंड अभिषेक बाजपेयी अभी फरार है, जबकि कई अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

Aug 5, 2026 - 17:18
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कार बाजार की आड़ में चल रहा था चोरी की गाड़ियों का खेल, 8 शातिर दबोचे, मास्टरमाइंड अब भी फरार
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।

₹2 करोड़ की 11 लग्जरी कारें बरामद, चाइनीज सॉफ्टवेयर से खोलते थे गाड़ियों के लॉक

आगरा। लोहामंडी थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब ₹2 करोड़ से अधिक कीमत की 11 चारपहिया गाड़ियां बरामद की हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड अभिषेक बाजपेयी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

एसीपी ने बताया कि 29 जून को लोहामंडी क्षेत्र से चोरी हुई होंडा वीआरवी कार के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद विशेष टीम गठित की गई थी। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया।

चाइनीज सॉफ्टवेयर से खोलते थे कार के लॉक

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अत्याधुनिक चाइनीज सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर कुछ ही मिनटों में कारों के लॉक खोल लेते थे। इसके बाद वाहन चोरी कर उन्हें सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा दिया जाता था।

इंजन और चेसिस बदलकर तैयार करते थे नई पहचान

गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। चोरी की कारों के इंजन और चेसिस नंबर बदलकर उन्हें दूसरी गाड़ियों की पहचान दी जाती थी। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर कारों को बाजार में बेच दिया जाता था, जिससे चोरी की गाड़ियों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता था।

कार बाजार की आड़ में चल रहा था पूरा खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि संतोष कुमार, जो एक कार बाजार संचालक है, इस पूरे नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी था। उसके साथ सत्यम यादव और विवेक रावत भी इस अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से शामिल थे। कार बाजार के माध्यम से चोरी की गाड़ियों को वैध बताकर ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।

मास्टरमाइंड अभिषेक बाजपेयी फरार

पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना अभिषेक बाजपेयी है, जो पहले भी वाहन चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। फिलहाल वह फरार है और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद गिरोह के नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी हो चुकी

गिरफ्तार आरोपियों में शामिल संतोष कुमार, अभिनव त्रिपाठी और विवेक रावत पर पहले ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। इससे साफ है कि सभी आरोपी लंबे समय से संगठित अपराध में सक्रिय थे। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।