शिक्षा पर सियासत बंद करो! मायावती का सरकार-विपक्ष पर तीखा हमला, बोलीं- युवाओं के भविष्य से न खेलें

नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार और विपक्ष दोनों को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सुधार जैसे गंभीर मुद्दे को राजनीतिक संघर्ष का माध्यम बनाने के बजाय युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

Jul 25, 2026 - 13:10
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शिक्षा पर सियासत बंद करो! मायावती का सरकार-विपक्ष पर तीखा हमला, बोलीं- युवाओं के भविष्य से न खेलें

लखनऊ। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सरकार और विपक्ष, दोनों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त खामियों को दूर करने की आवश्यकता है, लेकिन दुर्भाग्य से इस गंभीर विषय पर भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अधिक दिखाई दे रहे हैं।

मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थी निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उम्मीद रखते हैं, इसलिए सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है कि वे समाधान की दिशा में काम करें, न कि केवल एक-दूसरे पर आरोप लगाएं।

उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से समझे और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। साथ ही विपक्ष को भी नसीहत दी कि छात्रों के आंदोलन को केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

बसपा प्रमुख ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं की उम्मीदें प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी होती हैं। यदि इन परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो इसका असर केवल परिणामों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि युवाओं के मनोबल और भविष्य पर भी पड़ता है। ऐसे में पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल बयानबाजी और विरोध-प्रदर्शन से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलेगा। सरकार और विपक्ष दोनों को मिलकर ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत हो सके।

गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र आंदोलन जारी है। आंदोलनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है।

मायावती के बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब एक ओर छात्र परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं और दूसरी ओर इस मुद्दे पर राजनीतिक दल आमने-सामने हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा और युवाओं का भविष्य किसी भी प्रकार की राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से ऊपर होना चाहिए।

SP_Singh AURGURU Editor