तूफान के प्रहार संग ओलों की मार: आगरा की किरावली तहसील में भारी तबाही, फसलें बर्बाद, किसान बेहाल
आगरा। जनपद के किरावली तहसील क्षेत्र में शुक्रवार रात आए भीषण तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने ऐसा कहर बरपाया कि खेत, खलिहान और घर, सब कुछ तबाह हो गया। रबी और जायद की खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं, कई मकान धराशायी हो गए और दर्जनों लोग घायल हो गए। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से किसान गहरे सदमे में हैं और पूरे क्षेत्र में हाहाकार जैसी स्थिति बनी हुई है।
ओलावृष्टि ने फसलों को किया बर्बाद
शुक्रवार रात आए तूफान और भारी ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी और कटी पड़ी गेहूं की फसल को पूरी तरह चौपट कर दिया। खेतों में पानी भर जाने से गेहूं की बालियां सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं। किसान पहले से ही बारिश से परेशान थे, लेकिन शनिवार शाम फिर हुई तेज बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
गांवों में भारी तबाही, मकान गिरे, लोग घायल
किरावली तहसील के गांव देवनारी और मई बुजुर्ग में तूफान ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई। कई मकान ढह गए, छतें उड़ गईं और बिजली के खंभे टूटकर जमीन पर गिर पड़े।
मलबे में दबकर दर्जनों लोग घायल हो गए, जिन्हें भरतपुर और आगरा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
गांव मई बुजुर्ग में सफीद और आबिद का घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जिसमें एक ही परिवार के सात लोग घायल हो गए। वहीं संजू पत्नी मंगल सिंह की दीवार गिरने से पति-पत्नी घायल हो गए।
विद्युत आपूर्ति ठप, जनजीवन अस्त-व्यस्त
तूफान के चलते कई स्थानों पर विद्युत खंभे गिर गए, जिससे पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। गांवों में अंधेरा और भय का माहौल बना हुआ है।
तहसील किरावली के सरसा, अरहेरा, दूरा, डीठवार, देवनारी, मई बुजुर्ग, बदनपुर, सिकरौदा, नगरिया, दुलारा, हंसपुरा सहित कई गांवों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है।
अकोला ब्लॉक के रामनगर, गहर्रा खुर्द, अखबाई, मुरकिया, उजरई, नगला जयराम, बेरी चाहर आदि गांव भी इस आपदा से अछूते नहीं रहे।
तूफान और ओलावृष्टि से पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचा है। खेतों से भूसा उड़ जाने के कारण पशुओं के चारे की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
नेताओं और अधिकारियों ने किया दौरा
आपदा के बाद क्षेत्रीय विधायक चौधरी बाबूलाल, ब्लॉक प्रमुख फतेहपुर सीकरी गुड्डू चाहर, उपजिलाधिकारी दिव्या सिंह, किसान संघ के प्रांतीय नेता मोहन सिंह चाहर, भाकियू जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां, भाजपा नेता अरविंद चाहर और कांग्रेस नेता मुकेश डागुर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया।
भाजपा विधायक चौधरी बाबूलाल ने गुजरपुरा और दुलारा गांव पहुंचकर किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
भाकियू और अन्य संगठनों की मांग
भाकियू जिलाध्यक्ष राजवीर लवानियां ने बताया कि सुल्ताना, मुस्कान, एजाजुल, नूरजहां के घरों की दीवारें गिर गईं, गोपाल पुत्र मेवाराम का टीनशेड उड़ गया और कर्मवीर पुत्र विजय सिंह के मकान का बरामदा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें कई लोग घायल हुए हैं।
रालोद ने उठाई मुआवजे की मांग
राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर डाबर, सिरौली, औलैंडा, दुलारा, गुर्जरपुरा, हंसपुरा, सिकरौदा, बदनपुर, मई बुजुर्ग, सुनहरा, इकराम नगर, जैंगारा, लोरिया, खेड़िया, गहर्रा, अकोला आदि गांवों में हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है।
मांग करने वालों में नरेंद्र बघेल, डॉ. रुपेश चौधरी, भूदेव सिंह पहलवान, सतवीर रावत, संजीव शर्मा और जिला अध्यक्ष बाबूलाल प्रधान भी शामिल हैं।
बागपत से रालोद सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और हाथरस में हुए नुकसान का सर्वे कराने और राजस्व देयों को स्थगित करने की मांग की है।
फसल बर्बादी और भारी नुकसान से किसान पूरी तरह टूट चुके हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द मुआवजा नहीं मिला तो आर्थिक संकट और गहरा जाएगा।