तौकीर रजा बोले- हिंदू तिलक क्यों नहीं लगाते, मुसलमानों को भी सिर पर टोपी पहननी चाहिए

बरेली। इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां ने मुजफ्फरनगर ‘पहचान कांड’ और समाज में बढ़ रही धार्मिक कट्टरता को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि धार्मिक पहचान छुपाना शर्म की बात है, चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान। हिंदू अगर तिलक न लगाए और मुसलमान टोपी न पहने, तो यह उनकी पहचान से भागने जैसा है।

Jul 3, 2025 - 17:41
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तौकीर रजा बोले- हिंदू तिलक क्यों नहीं लगाते, मुसलमानों को भी सिर पर टोपी पहननी चाहिए

मौलाना तौकीर रजा ने दो टूक कहा- मैं हमेशा कहता हूं कि हिंदू को तिलक लगाकर अपने धर्म पर गर्व दिखाना चाहिए और मुसलमानों को टोपी पहनकर अपनी पहचान जाहिर करनी चाहिए। जो अपनी पहचान छुपाते हैं, उन्हें अपने धर्म पर गर्व नहीं है और ऐसे लोग धर्म के नाम पर कलंक हैं।

मुसलमानों से नफरत करने वाले भी आतंकी

उन्होंने मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवकों की पैंट उतरवाकर उनकी पहचान जांचने की घटना की तुलना सीधे आतंकी कृत्य से कर डाली। तौकीर रजा ने कहा, जो ऐसा कर रहे हैं, वो घरेलू आतंकवादी हैं। इन पर भी उसी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए जो सरहद पार से आए आतंकियों पर होती है। अगर सरकार निष्पक्ष है तो उसे पहलगाम और मुजफ्फरनगर दोनों पर समान दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

जब खून चढ़ाते हो, तब नहीं देखते धर्म

जातिवाद और सांप्रदायिकता पर निशाना साधते हुए तौकीर रजा ने कहा, जब किसी पंडित को खून की जरूरत होती है, तब वह नहीं पूछता कि खून मुसलमान या दलित का है। लेकिन बाकी मामलों में वही व्यक्ति जाति और धर्म देखकर व्यवहार करता है। यह दोहरा मापदंड है और देश की एकता के लिए खतरा है।

नेमप्लेट विवाद पर सरकार के आदेश का समर्थन

नेमप्लेट पर धर्म और पहचान दर्शाने के शासनादेश को तौकीर रजा ने उचित बताया। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति खुद को अपने धर्म से जोड़े और खुले में इसे स्वीकारे, तो समाज में भ्रम और नफरत की जगह ही न बचे। पहचान छुपाने की मजबूरी शर्म का विषय है, न कि गर्व का।

SP_Singh AURGURU Editor