कथित धर्म परिवर्तन की सूचना से खंदौली के खड़िया गांव में तनाव, सत्संग के विरोध में हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
खंदौली थाना क्षेत्र के खड़िया गांव में कथित धर्म परिवर्तन की सूचना पर ग्रामीणों ने सत्संग का विरोध किया, जिससे कुछ समय के लिए तनाव फैल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले। पुलिस के अनुसार, सत्संग मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती की सलामती के लिए किया जा रहा था। फिलहाल धर्म परिवर्तन की कोई पुष्टि नहीं हुई है और गांव में स्थिति सामान्य है।
आगरा। आगरा जनपद के खंदौली थाना क्षेत्र अंतर्गत खड़िया गांव में मंगलवार दोपहर उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब गांव में चल रहे एक सत्संग को लेकर कथित धर्म परिवर्तन की सूचना फैल गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और सत्संग का विरोध शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख गांव में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी देवेंद्र और लक्ष्मण के आवास पर बीते लगभग तीन वर्षों से सत्संग का आयोजन किया जा रहा था। शुरुआत में ग्रामीणों ने इसे एक सामान्य धार्मिक गतिविधि के रूप में स्वीकार किया, लेकिन बीते कुछ समय से सत्संग की गतिविधियों को लेकर गांव में चर्चाएं तेज हो गई थीं।
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे ग्रामीणों को सूचना मिली कि सत्संग के माध्यम से कुछ लोगों को कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस सूचना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बताया गया कि सत्संग में गांव की महिलाओं के अलावा बाहर के क्षेत्रों से आई कुछ महिलाएं भी शामिल थीं, जो हंगामा बढ़ता देख वहां से चली गईं।
घटना की सूचना मिलते ही खंदौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर माहौल शांत कराया। पुलिस के अनुसार, सुल्तान की 19 वर्षीय बेटी दुर्गेश मानसिक रूप से अस्वस्थ है। परिजनों को आशंका थी कि उस पर भूत-प्रेत का साया है, इसी कारण उसकी सलामती के लिए सत्संग किया जा रहा था।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल धर्म परिवर्तन या उससे जुड़ी किसी भी गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस संबंध में कोई लिखित तहरीर प्राप्त होती है, तो मामले की गहन जांच कर तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में गांव की स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में बताई जा रही है।
वहीं, ग्राम प्रधान सोनू ने बताया कि संबंधित परिवार सत्संग करता है, लेकिन उनकी गतिविधियां सामान्य धार्मिक आयोजनों से अलग प्रतीत होती हैं। अन्य ग्रामीणों ने भी यह पुष्टि की कि सत्संग में बाहर से महिलाओं का आना-जाना रहता है, जिससे गांव में संदेह की स्थिति बनी।