आगरा–मथुरा हाईवे बना मौत का गलियारा! आईएसबीटी के सामने रोडवेज बसों का दो लेन पर कब्ज़ा, ढलान से रफ्तार पकड़ते वाहन और पुलिस की खामोशी, यही ‘किलिंग कॉम्बिनेशन’ दो युवा डॉक्टरों की जान ले गया। कौन लेगा इस लचर ट्रैफिक सिस्टम की जिम्मेदारी?

आगरा–मथुरा हाईवे पर रविवार शाम हुआ हादसा केवल दो मेडिकल छात्रों की जान नहीं ले गया, इसने हाईवे की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था की सच्चाई भी उजागर कर दी। जिस जगह यह दुर्घटना हुई, वहां रोडवेज बसों का दो-दो लेन पर अनियंत्रित कब्ज़ा, ढलान पर तेज रफ्तार से उतरते वाहन और पुलिस की मौन मौजूदगी मिलकर हादसे को न्योता दे रहे थे। नतीजा दो होनहार एमबीबीएस छात्रों की मौके पर ही मौत और दो परिवारों पर वज्रपात।

Dec 1, 2025 - 12:39
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आगरा–मथुरा हाईवे बना मौत का गलियारा! आईएसबीटी के सामने रोडवेज बसों का दो लेन पर कब्ज़ा, ढलान से रफ्तार पकड़ते वाहन और पुलिस की खामोशी, यही ‘किलिंग कॉम्बिनेशन’ दो युवा डॉक्टरों की जान ले गया। कौन लेगा इस लचर ट्रैफिक सिस्टम की जिम्मेदारी?
तनिष्क और सिद्ध के फाइल फोटो।

आगरा। रविवार शाम करीब 6 बजे, आगरा–मथुरा हाईवे पर आईएसबीटी पुल से पहले कट के पास दो एमबीबीएस छात्रों सिद्ध गर्ग (22), निवासी कमला नगर, आगरा और तनिष्क गुप्ता (22), निवासी आवास विकास कॉलोनी, हरदोई की दर्दनाक मौत ने एसएन मेडिकल कॉलेज मातमी सन्नाटे में ला दिया और दो परिवारों की दुनिया उजाड़ दी।

कैसे हुआ हादसा

प्राथमिक जांच में पाया गया कि बाइक से जा रहे दोनों मेडिकल छात्रों की बाइक को किसी वाहन ने साइड से टक्कर मारी, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई और दोनों छात्र डिवाइडर से सिर टकराकर बुरी तरह घायल हो गए।
रक्तस्राव इतना था कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से एसएन मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।

ट्रैफिक सिस्टम भी हादसे का बड़ा कारण

आईएसबीटी के सामने हाईवे पर लगातार हादसों का कारण केवल तेज रफ्तार नहीं है, बल्कि अव्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन भी है। आईएसबीटी के सामने रोडवेज की बसें अक्सर दो लेन पर खड़ी रहती हैं, जिससे सिर्फ एक लेन वाहनों के लिए बचती है। इसी वजह से यहां हर वक्ता जाम लगता है, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बस ड्राइवरों से कुछ नहीं कहती।

यहां दूसरी समस्या ट्रांसपोर्ट नगर फ्लाईओवर से आईएसबीटी तक लम्बा ढलान है। इसकी वजह से वाहन स्वतः तेज गति पकड़ लेते हैं। सामने अचानक बसें खड़ी मिलने पर दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। हाईवे के पॊइन्ट पर पुलिस कर्मचारी रहते तो हैं, लेकिन बसों की गलत पार्किंग पर उनकी ओर से कार्रवाई लगभग शून्य है। मेडिकल छात्रों की मौत के मामले में हरीपर्वत पुलिस बाइक को टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

दो परिवारों पर गिरा वज्रपात

हादसे में मृत सिद्ध गर्ग आगरा का होनहार बेटा था। 22 वर्षीय सिद्ध गर्ग एसएन मेडिकल कॉलेज में MBBS तृतीय वर्ष का छात्र था। परिवार का यह बेटा पढ़ाई में तेज था और पहले ही प्रयास में मेडिकल में उसका चयन हुआ था।  सिद्ध के पिता राजेश अग्रवाल जनरेटर एक्सप्रेस का कारोबार करते हैं।

रविवार दोपहर वह 2:30 बजे एक दोस्त के यहां जाने की बात कहकर निकला था। शाम 10 बजे घर पर फोन आया कि सिद्ध का एक्सीडेंट हो गया है। परिजन तत्काल पहुंचे, मगर तब तक सिद्ध जा चुका था। हादसे के बाद से ही मां बार-बार बेटे का नाम पुकारती है और बेहोश हो जाती है। सिद्ध की मौत से आगरा की विमल वाटिका–कर्मयोगी एन्क्लेव के लोग स्तब्ध हैं।
तनिष्क गुप्ता हरदोई का था

हरदोई के आवास विकास कॉलोनी निवासी ईंट भट्टा व्यवसायी अरविंद गुप्ता का 22 वर्षीय छोटा बेटा तनिष्क भी आगरा के एसएन मेडिकल कॊलेज में एमबीबीएस का छात्र था। घर में माता–पिता, एक भाई और दो बहनें।
सबसे छोटा के कारण सबसे लाड़ला था तनिष्क। उसकी मौत की खबर पहुंचते ही पूरा मोहल्ला शोक में डूब गया। तनिष्क के परिजन भी रात में ही आगरा पहुंच गये थे।

समाज ने खो दिए दो भावी डॉक्टर

सिद्ध और तनिष्क दोनों ही अपने परिवारों की उम्मीद, अपनी संस्थान की शान और समाज के भविष्य थे। उनकी मौत केवल एक हादसा तो है ही, लचर ट्रैफिक व्यवस्था की भी कीमत है। यदि हाईवे पर ट्रैफिक की सख़्त निगरानी होती तो शायद आज दोनों ज़िंदा होते।

SP_Singh AURGURU Editor