सही साबित हो रहा है ब्लैक मंडे वाला डर
शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स 3300 अंक के नीचे, निफ्टी भी 1000 अंक टूटा, एशियाई शेयर बाजारों में भी टैरिफ के चलते भूकंप देखने को मिला, जहां हांगकांग के बाजार 10 प्रतिशत टूटे तो वहीं चीन से लेकर जापान के बाजारों में 6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
मुंबई। ट्रंप के टैरिफ के ऐलान के बाद शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। एक्सपर्ट्स की तरफ से ब्लैक मंडे के अंदेशा के बीच आज सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 3300 अंक के नीचे चला गया यानी करीब 4.70 फीसदी की गिरावट हुई है, जबकि निफ्टी करीब 1000 अंक टूटा है. यानी महज 10 सेकेंड में ही 19 लाख करोड़ स्वाहा हो गया।
बीएसई सेंसेक्स 3379.19 अंक यानी 4.48 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 72623 और निफ्टी 50 1056.05 प्वाइंट्स यानी 4.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21848.40 पर है। दूसरी तरफ, एशियाई शेयर बाजारों में भी टैरिफ के चलते भूकंप देखने को मिला। जहां हांगकांग के बाजार 10 प्रतिशत टूटे तो वहीं चीन से लेकर जापान के बाजारों में 6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी में भी भारी गिरावट का दौर जारी है। जहां एसएंडपी और नैस्डैक के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट दिखी, जबकि डाओ फ्यूचर्स 900 प्वाइंट्स नीचे आया। जबकि, जापान के निक्केई में मार्केट ओपन होते ही 225 प्वाइंट्स की गिरावट हुई।
जबकि, ऑस्ट्रेलिया के एस एंड पी 200 में 6.5 प्रतिशत की गिरावट के सात 7184.70, दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 5.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2328.52 पर रहा। इससे पहले, अमेरिकी नैस्डैक में शुक्रवार को करीब 7 फीसदी की गिरावट पर बाजार बंद हुआ था। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये गिरावट तो कुछ भी नहीं है, अगर स्थिति नहीं संभली तो अमेरिकी मार्केट का हाल ऐसा हो सकता है, जैसा 1987 में हुआ था।
हालाकि, अमेरिकी टीवी पर्सनालिटी और मार्केट एक्सपर्ट जिम क्रेमर ने स्टॉक मार्केट को लेकर काफाी डरावना अंदेशा जताया है। उन्होंने कहा कि सोमवार, 7 अप्रैल, 1987 की तरह शेयर बाजार के लिए सबसे बुरा दिन साबित हो सकता है। सीएनबीसी पर अपने शो मैड मनी में क्रेमर ने साफ चेतावनी दी कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों से संपर्क नहीं किया जिन्होंने जवाबी टैरिफ नहीं लगाए हैं तो यह 1987 जैसा क्रैश हो सकता है।