वृंदावन में गूंजेगी सर्व भाषाओं की साहित्यिक सरगम, छह प्रांतों के मूर्धन्य रचनाकार होंगे सम्मानित
वृंदावन। अखिल भारतीय साहित्य परिषद, ब्रज प्रांत के तत्वावधान में ‘सर्व भाषा साहित्यकार सम्मान समारोह’ 4 मई रविवार को गीता शोध संस्थान, वृंदावन के सभागार में आयोजित किया जाएगा। बैठक में इसकी रूपरेखा निर्धारित करते हुए बताया गया कि कार्यक्रम में देशभर के छह प्रमुख भाषाओं, कौरवी, ब्रज, खड़ी बोली, बुंदेली, अवधी और भोजपुरी से जुड़े मूर्धन्य साहित्यकारों को सर्वभाषा साहित्यकार गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय संरक्षक डॉ. उमेशचंद्र शर्मा ने आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ब्रज भूमि पर विविध भाषाओं के साधकों का सम्मान एक अद्वितीय पहल है।
प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. सुरेश बाबू मिश्रा ने जानकारी दी कि यह आयोजन 4 मई को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक दो सत्रों में संपन्न होगा।
ये अतिथि रहेंगे मौजूद
इस गरिमामयी समारोह की शोभा बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्तर के साहित्य और संस्कृति जगत से संत अनन्त वीर्य (अक्षय पात्र आश्रम), सुशील चंद्र त्रिवेदी 'मधुपेश' (राष्ट्रीय अध्यक्ष), श्रीधर पराड़कर (राष्ट्रीय संगठन मंत्री), ऋषि मिश्रा, मनोज, डॉ. पवन पुत्र बादल जैसे विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।
प्रशासनिक और आतिथ्य प्रबंधन
ब्रज प्रांत के संयुक्त महामंत्री विकास सारस्वत ने बताया कि आमंत्रित साहित्यकारों हेतु भोजन, जलपान व आवास की संपूर्ण व्यवस्था परिषद की ओर से निशुल्क की गई है।
डॉ. पुरुषोत्तम पाटील ने कहा कि कार्यक्रम के समापन पर पहलगाम के बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी और शोक प्रस्ताव भी पारित होगा।
समारोह की सफलता के लिए एक आयोजन समिति का गठन किया गया है जिसमें डॉ. अजीत कुमार जैन, डॉ. एस.पी. मौर्य, संजय पाण्डेय गौहर, डॉ. चंद्र प्रकाश शर्मा, प्रो. पुरुषोत्तम पाटील, अंजना अंजुम, कृपांशु खूबचंदानी सहित 18 पदाधिकारी शामिल हैं। बैठक में डॉ. चंद्रप्रकाश शर्मा ने सभी आयोजकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।