बृज के ये शूरवीर सम्मान के हकदार हैं, ये तो मिलना ही चाहिए

आगरा। बृज क्षेत्र के वीर योद्धाओं को सम्मान दिलाने के लिए प्रयासरत जाट महासभा के प्रयास रंग लाते दिख दिख रहे हैं। जाट महासभा के बैनर तले कमिश्नरी में धरना प्रदर्शन के बाद मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने भी इन वीर योद्धाओं को सम्मान दिलाने में रुचि दिखाई है। कमिश्नर ने जाट महासभा से इन वीरों के बारे में पूरी तथ्यात्मक जानकारी मांगी है।

Mar 30, 2025 - 19:25
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बृज के ये शूरवीर सम्मान के हकदार हैं, ये तो मिलना ही चाहिए
बृज के वे वीर योद्धा, जिन्होंने अपने-अपने समय में मुगलों के छक्के छुड़ा दिए थे।

-जाट महासभा ने वीर गोकुला जाट, राजाराम जाट, रामकी चाहर और महाराजा सूरजमल को सम्मान देने के लिए उठाई आवाज

बृज क्षेत्र में समय-समय पर ऐसे शूरवीर योद्धा हुए हैं जिन्होंने मुगलों से जमकर लोहा लिया। औरंगजेब जैसे आतताई को बृज क्षेत्र में सबसे पहले चुनौती वीर गोकुला जाट ने दी थी। उसके खिलाफ विद्रोह का विगुल फूंका। औरंगजेब की सेना से युद्ध करते हुए कैद होने पर वीर गोकुला को औरंगजेब ने आगरा कोतवाली के पास उनके एक-एक अंग को काट कर मौत की सजा दी थी।

बृज के दो और ऐसे शूरवीर योद्धा हैं, जिनकी वीरता के किस्से आज भी सुनाये जाते हैं। ये हैं राजाराम जाट और रामकी चाहर। इन दोनों वीरों ने 1688 में सिकंदरा पर आक्रमण कर अकबर की कब्र खोद डाली थी और कब्र से हड्डियां निकालकर उनका दाह संस्कार कर यमुना में प्रवाहित कर दी थीं।

आगरा को राजधानी बनाकर तीन सौ सालों से शासन करते आ रहे मुगल साम्राज्य का घमंड 12 जून 1761 को भरतपुर के अजेय योद्धा तत्कालीन महाराजा योद्धा सूरजमल ने तोड़ा था। आगरा किले पर कब्जा कर महाराजा सूरजमल ने मुगलिया शासन का अंत कर दिया था। बृज की जनता को उनके आतंक से मुक्ति दिलाई थी।

जाट महासभा इन्हीं शूरवीरों को सम्मान दिलाने की लड़ाई लड़ रही है। महासभा चाहती है कि आगरा किले के सामने महाराजा सूरजमल की प्रतिमा लगवाई जाए। शाहजहां गार्डन का नाम वीर गोकुल सिंह या महाराजा सूरजमल के नाम पर रखा जाए। सिकंदरा पर कब्जा करने वाले वीर योद्धा रामकी चाहर और राजाराम जाट की अश्वारोही प्रतिमाएं सिकंदरा परिसर में लगाई जाएं और सिकंदरा मेट्रो स्टेशन का नाम राजाराम जाट और रामकी चाहर के नाम पर रखा जाए। महासभा यह भी मांग कर रही है कि सरकार बृज के इन वीरों के इन सम्मान प्रत्येक जनपद में द्वारों का निर्माण कराये।

अखिल भारतीय जाट महासभा ने इन योद्धाओं को सम्मान दिलाने के लिए ही कमिश्नरी में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया था। इस आंदोलन में आगरा के अलावा भरतपुर, मथुरा, हाथरस और टूंडला से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। धरनास्थल पर महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंवर शैलराज सिंह की अध्यक्षता में हुई सभा में जिलाध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर इन शूरवीरों की वीरता के किस्से सुनाए।

सभा का संचालन वीरेंद्र सिंह छोंकर ने किया। इस दौरान युवा जाट महासभा के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी व संयोजक जीडी चाहर ने ऐलान किया कि यदि 12 जून को आगरा किले में आगरा विजय दिवस सरकारी स्तर पर नहीं मनाया गया तो युवा जाट महासभा इस दिन आगरा किले के लिए कूच करेगी। 

SP_Singh AURGURU Editor