दरगाह आला हज़रत का तीन दिवसीय उर्स शुरू: अजमेर शरीफ का संदल चढ़ा, देश-विदेश से उमड़े जायरीन
-आरके सिंह- बरेली। दरगाह आला हज़रत का तीन दिवसीय उर्स रविवार देर रात से शुरू हो गया। उर्स की पूर्व संध्या पर अजमेर शरीफ ख़्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह से आया संदल, केवड़ा और गुलाब आला हज़रत के मजार शरीफ पर पेश किया गया। इसके साथ पहली चादर और फूल सज्जादानशीनों की मौजूदगी में अदा किए गए।
सज्जादानशीनों ने अदा की रस्में
दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां), सज्जादानशीन बदरुशरिया मुफ्ती अहसन रज़ा क़ादरी (अहसन मियां), अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन सय्यद सुल्तान उल हसन चिश्ती और सय्यद आसिफ मियां ने गुस्ल की रस्म अदा की और गुलपोशी कर दुआ मांगी। इसके बाद फातिहा और खुसूसी दुआ का आयोजन हुआ।
रूहानी महफिल में जुटे उलेमा
दरगाह के प्रवक्ता नासिर कुरैशी के अनुसार, उर्स की रूहानी महफिल में देश के नामी उलेमा शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से मुफ्ती आकिल रज़वी, मुफ्ती सलीम नूरी, मुफ्ती सय्यद कफील हाशमी, मुफ्ती अय्यूब नूरी, मुफ्ती मोइनुद्दीन, मुफ्ती सय्यद शाकिर अली, कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी, मौलाना डॉ. एजाज़ अंजुम, मुफ्ती जमील, राशिद अली खान, औरंगजेब नूरी, परवेज़ नूरी, शाहिद नूरी, शान रज़ा, अजमल नूरी, ताहिर अल्वी, मंजूर रज़ा, मुजाहिद रज़ा सहित कई अन्य विद्वान मौजूद रहे।
जायरीन का तांता, होटल फुल
देश-विदेश से जायरीन जत्थों की शक्ल में दरगाह पर पहुंच रहे हैं। साउथ अफ्रीका, मॉरीशस, नेपाल समेत भारत के विभिन्न राज्यों- केरल, ओडिशा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, बिहार, झारखंड, गोवा और कर्नाटक से बड़ी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे हैं। बड़ी भीड़ के चलते बरेली के सभी होटल फुल हो गए हैं। प्रवक्ता नासिर कुरैशी ने शहरवासियों से अपील की है कि मेहमानों के लिए अपने घरों में रुकने और खाने-पीने की व्यवस्था करें।
सज्जादानशीन की अपील
मुफ्ती अहसन मियां ने शहर और आसपास के लोगों से अपील की है कि उर्स के तीन दिन बाहर से आए अकीदतमंदों को दरगाह पर हाजिरी का पहला अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग कुल शरीफ और अन्य कार्यक्रमों में शामिल हों, लेकिन हाजिरी उर्स से पहले या बाद में अदा करें। उलेमा ने कहा- आला हज़रत के मेहमान हमारे मेहमान हैं, उनसे मोहब्बत और आदर से पेश आएं।