आगरा कॉलेज के अस्थाई कर्मचारियों के वेतन में तीन गुना वृद्धि
आगरा। आगरा कॉलेज की प्रबंध समिति की शुक्रवार को हुई प्रथम बजट संबंधी बैठक में कॉलेज के अस्थाई कर्मचारियों का वेतन तीन गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
-कॉलेज प्रबंध समिति की बजट बैठक में कई और महत्वपूर्ण फैसले लिए गए
नवनियुक्त प्राचार्य प्रोफेसर चित्र कुमार गौतम के पदभार ग्रहण के उपरांत प्रबंध समिति की यह पहली बैठक थी। बजट बैठक में न केवल पूर्ववर्ती प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया, बल्कि अनेक नए प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय वर्षों से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में पर्याप्त वृद्धि का रहा, जिसमें उनका वेतन लगभग तीन गुना तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
इस निर्णय से अस्थायी कर्मचारियों में हर्ष का वातावरण है तथा उन्होंने प्राचार्य एवं प्रबंध समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कॉलेज हित में उत्तम सेवाएं देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
प्रबंध समिति की बैठक की अध्यक्षता आगरा मंडल के आयुक्त शैलेन्द्र कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर समिति के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अरविंद मलप्पा बंगारी, प्रबंध समिति के सचिव के रूप में प्राचार्य प्रोफेसर चित्र कुमार गौतम, शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में डॉ. सुनील यादव, मृणाल शर्मा एवं जयश्री भारद्वाज, तथा कर्मचारी प्रतिनिधि श्रीमती आशा शर्मा एवं उपप्राचार्य प्रो. डॉ. पीपी झा उपस्थित रहे।
"ज्ञानं परमं ध्येयम्" कॊलेज का वाक्य
बैठक में सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि आगरा कॉलेज, आगरा के 200 वर्षों की गौरवपूर्ण विरासत को ध्यान में रखते हुए "ज्ञानं परमं ध्येयम्" को महाविद्यालय के 'दी वाक्य' (Motto) के रूप में अंगीकृत किया जाए। समिति के सभी सदस्यों ने इस प्रस्ताव को सहर्ष अनुमोदित किया।
अंत में समिति के सभी सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्राचार्य प्रो. चित्र कुमार गौतम के नेतृत्व में आगरा कॉलेज का संचालन और प्रबंधन निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर रहेगा।
बैठक में आगरा कॉलेज के अनेक शिक्षक व कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बैठक के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया। प्रबंध समिति द्वारा महाविद्यालय के प्रत्येक विभाग में सौर ऊर्जा पैनल, आधुनिक टॉयलेट, स्मार्ट क्लासेस आदि के निर्माण तथा 200वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेश सरकार को विविध विकासात्मक प्रस्ताव भेजे जाने का भी अनुमोदन किया गया।
इस अवसर पर प्रो. भोपाल सिंह, डॉ. शशिकांत पांडेय, प्रो. पूनम चंद, डॉ. पी. वी. झा, डॉ. गौरव कौशिक समेत कई शिक्षक उपस्थित रहे।