एयरफोर्स स्टेशन के टेक्निकल एरिया में उप राष्ट्रपति तक जा पहुंचे तीन अनधिकृत भाजपा नेता
आगरा। भारत के उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की हालिया आगरा यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक सामने आई है। एक जून को आयोजित अहिल्याबाई होल्कर जयंती समारोह में भाग लेने आए उप राष्ट्रपति के आगरा एयरफोर्स स्टेशन स्थित टेक्निकल एरिया में उतरे थे। प्रोटोकॉल सूची में नाम न होने के बावजूद तीन स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने एयरफोर्स के प्रतिबंधित क्षेत्र में न सिर्फ प्रवेश कर लिया, बल्कि उप राष्ट्रपति का स्वागत भी किया।
-उप राष्ट्रपति सचिवालय से जवाब तलब किये जाने पर आगरा प्रशासन ने एयरफोर्स के सुरक्षा अधिकारी से तलब की रिपोर्ट
यह मामला अब उप राष्ट्रपति सचिवालय तक पहुंच गया है, जिसने आगरा जिला प्रशासन से इस चूक पर स्पष्टीकरण मांगा है। इस संवेदनशील चूक को लेकर एडीएम प्रोटोकॉल ने एयरफोर्स स्टेशन के सुरक्षा अधिकारी को पत्र भेजते हुए तत्काल जांच रिपोर्ट तलब की है। दिल्ली से जवाब तलब होने के बाद अब स्थानीय स्तर पर हड़कंप मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
एडीएम प्रोटोकॉल कार्यालय से एयरफोर्स स्टेशन को पूर्व में एक सूची भेजी गई थी, जिसमें आगरा के निर्धारित जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल थे, जिन्हें उप राष्ट्रपति के आगमन और विदाई के दौरान टेक्निकल एरिया में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। यह सूची उप राष्ट्रपति सचिवालय से अनुमोदित थी।
इसके बावजूद, एयरफोर्स सुरक्षा स्टाफ की लापरवाही के चलते तीन भाजपा कार्यकर्ता, संजय अरोड़ा, रोहित कत्याल और सोनू कक्कड़, जिनका सूची में नाम नहीं था, वे टेक्निकल एरिया में प्रवेश कर उप राष्ट्रपति के पास तक पहुंच गये। उनसे भेंट की और स्वागत भी किया।
पहले ही दी गई थी चेतावनी
एक जून को ही, एडीएम प्रोटोकॊल कार्यालय की ओर से प्रोटोकॊल सहायक सचिन सिंह द्वारा एयरफोर्स के सुरक्षा अधिकारी अमर सिंह को दूरभाष पर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि जिस किसी का नाम सूची में नहीं है, उसे टेक्निकल एरिया में किसी भी स्थिति में प्रवेश न दिया जाए, जब तक किसी वरिष्ठ अधिकारी से निर्देश न मिले।
बावजूद इसके, नियमों को दरकिनार कर तीनों भाजपा नेता एयरफोर्स स्टेशन के संवेदनशील तकनीकी क्षेत्र में पहुंच गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ है, जो किसी गंभीर खतरे को न्योता देने जैसा है।
अब होगी सीसीटीवी से पहचान और जांच
एडीएम प्रोटोकॉल द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि उक्त घटना की सीसीटीवी फुटेज की जांच, ड्यूटी स्टाफ की जवाबदेही और पूरे प्रकरण की विस्तृत आंतरिक जांच रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जाए ताकि उप राष्ट्रपति सचिवालय, वरिष्ठ अधिकारीगण और पुलिस विभाग को समय रहते स्थिति से अवगत कराया जा सके।
भाजपा संगठन भी घेरे में
चूंकि जिन तीन अनधिकृत व्यक्तियों ने प्रवेश किया, वे भाजपा से जुड़े हुए हैं, इसीलिए एडीएम प्रोटोकॉल ने इस पत्र की प्रति भाजपा के महानगर अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को भी भेज दी है। अब यह मामला केवल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक दल की आंतरिक अनुशासन और जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।
यह है उप राष्ट्रपति की सुरक्षा में सीधा उल्लंघन
विमानपत्तन और रक्षा स्थलों के टेक्निकल एरिया को लेकर सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अनुमति के किसी भी व्यक्ति का वहां पहुंचना राष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध के समान है। यह लापरवाही केवल आगरा प्रशासन की नहीं बल्कि एयरफोर्स स्टेशन की जवाबदेही पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि वीवीआईपी प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों के प्रति ढिलाई और सिफारिश संस्कृति कितना बड़ा खतरा बन सकती है। अब देखना यह है कि उप राष्ट्रपति सचिवालय इस पूरे मामले में किस स्तर की जांच कराता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।