जानलेवा बीमारी को हराने के लिए दवा के साथ सकारात्मक माहौल बनाएं-डॉ. प्रदीप गुप्ता

आगरा। बीमारी कैसी भी हो, चाहे जानलेवा ही क्यों न हो,  यदि दवा के साथ सकारात्मक वातावरण और मनोस्थिति मरीज को मुहैया हो तो रोग को मात दी जा सकती है। पांच दिवसीय कैंसर रोग उपचार प्रशिक्षण शिविर के समापन पर यह यह बात होम्योपैथिक चिकित्मक डॉ. प्रदीप गुप्ता ने कही।

Nov 22, 2024 - 15:20
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जानलेवा बीमारी को हराने के लिए दवा के साथ सकारात्मक माहौल बनाएं-डॉ. प्रदीप गुप्ता
नेहरू नगर स्थित नेमिनाथ होम्योपैथिक क्लीनिक पर स्विटजरलैंड होम्योपैथिक इंस्टीट्यूट, जुग, स्विटजरलैंड के चिकित्सकों के साथ प्रचार्य डॉ प्रदीप गुप्ता।

− नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल में कैंसर रोग पर प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन

- स्विटजरलैंड होम्योपैथिक इंस्टीट्यूट, जुग, स्विटजरलैंड के 11 चिकित्सकों के दल ने लिया प्रशिक्षण

- नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के प्राचार्य डॉ प्रदीप गुप्ता ने लाइलाज बीमारी से जीतने के दिए सुझाव

शुक्रवार को नेहरू नगर स्थित नेमिनाथ होम्योपैथिक क्लीनिक पर कैंसर रोग उपचार प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के प्रचार्य डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि हॉस्पीटल में स्विटजरलैंड होम्योपैथिक इंस्टीट्यूट, जुग, स्विटजरलैंड के 11 चिकित्सकों के दल को कैंसर रोग के उपचार का प्रशिक्षण दिया गया।

उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल में कैंसर रोग पर निरंतर शोध चलता रहता है। हर वर्ष विभिन्न देशों के चिकित्सक होम्योपैथिक पद्वति से कैंसर जैसे असाध्य रोगों के उपचार का प्रशिक्षण लेने यहां आते हैं। स्विटजरलैंड होम्योपैथिक इंस्टीट्यूट, जुग, स्विटजरलैंड के चिकित्सक पिछले तीन वर्षों से प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए निरन्तर आ रहे हैं।

स्विटजरलैंड होम्योपैथिक इंस्टीट्यूट, जुग, स्विटजरलैंड के डायरेक्टर डॉ. मार्टिन जस ने कहा कि नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल ने कोरोना काल में दिए गए उपचार के कारण विश्व में खासी प्रसिद्धि प्राप्त की थी। तभी से यहां के शोध होम्योपैथिक चिकित्सा जगत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 

 

प्रधानाचार्य डॉ. गैबरीला कैलर ने कहा कि भारत की चिकित्सा एवं यहां के चिकित्सक सनातन काल से विश्वभर में अपने शोध और चिकित्सा पद्वति के लिए विख्यात हैं। दवा के साथ मरीज के मनोबल को कैसे अपनत्व के साथ साधा जाए ये सिर्फ यहीं सीखने को मिलता है।

चिकित्सक डॉ. यवोन मार्कवार्ट ने कहा कि मरीजों के साथ मित्रवत व्यवहार रखते हुए उनमें आत्मविश्वास कैसे बनाए रखना है, ये यहां सीखने को मिला। डॉ. वैबेनहोफर क्रिस्टोफ ने कहा कि मरीजों को इलाज सेवा भाव से करने की प्रेरणा प्रशिक्षण शिविर में मिली।

समापन पर सभी चिकित्सकों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किये गए।

इस अवसर पर आगरा से डॉ. ऋतु गुप्ता एवं स्विटजरलैंड के चिकित्सक डॉ. हरवानेक बीट्राइस, डॉ. बारबरा अल्पेन, डॉ. सैंड्रा जोस, डॉ. पिया शेल्बर्ट, डॉ. एबरहार्ड डोमिनिक,  डॉ. वालिमैन जूलिया, डॉ. क्रेसिबूचर स्टीफन जोसेफ आदि उपस्थित रहे।

SP_Singh AURGURU Editor