अंतरिक्ष की ओरः आगरा मूल के अमेरिकी 80 वर्षीय अरविंदर बहल कल भरेंगे सबऑर्बिटल उड़ान
आगरा। आगरा की धरती पर जन्मे और अब अमेरिका के नागरिक अरविंदर ‘अर्वी’ सिंह बहल 3 अगस्त को अंतरिक्ष के किनारे तक उड़ान भरने जा रहे हैं। वे ब्लू ओरिजिन के न्यू शेपर्ड NS-34 मिशन में छह सदस्यीय दल के साथ शामिल होंगे। यह मिशन अमेरिका के वेस्ट टेक्सास से लॉन्च होगा और 11 मिनट की यह सबऑर्बिटल यात्रा यात्रियों को कार्मन रेखा के पार ले जाएगी। वह ऊंचाई जो अंतरिक्ष की सीमा मानी जाती है।
-ब्लू ओरिजिन के न्यू शेपर्ड NS-34 मिशन में छह सदस्यीय दल के साथ होंगे शामिल, अंतरिक्ष की सीमा पार कर देखेंगे पृथ्वी का अद्भुत नज़ारा
विविधताओं से भरा सफर
80 वर्षीय बहल का जीवन रोमांच और उपलब्धियों से भरा रहा है। वे अब तक दुनिया के सभी देशों की यात्रा कर चुके हैं। उत्तर और दक्षिण ध्रुव पर जा चुके हैं और माउंट एवरेस्ट व गिज़ा के पिरामिडों के ऊपर से स्काईडाइविंग भी कर चुके हैं। वे प्राइवेट पायलट और हेलीकॉप्टर फ्लायर हैं।
बहल ने युवावस्था में भारत की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) से प्रशिक्षण लिया था, लेकिन पोलो खेलते समय सिर पर गंभीर चोट के कारण उन्हें यह छोड़ना पड़ा। इसके बाद उन्होंने चाय बागान प्रबंधन, इलेक्ट्रिकल निर्माण, होटल उद्योग, खेल परिधान आयात और अंततः अमेरिका में रियल एस्टेट निवेश जैसे अनेक क्षेत्रों में काम किया।
भारतीय मूल के तीसरे यात्री
अरविंदर बहल ब्लू ओरिजिन के साथ उड़ान भरने वाले तीसरे भारतीय मूल के यात्री होंगे। इससे पहले गोपीचंद ठोटाकुरा और तुषार शाह इस रोमांच को अनुभव कर चुके हैं। वे STEM शिक्षा के प्रबल समर्थक हैं और अंतरिक्ष अनुसंधान व शिक्षा से जुड़ी कई परियोजनाओं में आर्थिक योगदान दे चुके हैं।
NS-34 मिशन की खासियत
यह ब्लू ओरिजिन का 34वां और मानवयुक्त 14वां मिशन है, जिसका उद्देश्य स्पेस टूरिज्म को आम जनता के लिए अधिक सुलभ बनाना है। मिशन को लॉन्च से 30 मिनट पहले लाइवस्ट्रीम किया जाएगा। इस मिशन में बहल के साथ गोकन एर्देम, डेबोरा मार्टोरेल, लायोनेल पिचफोर्ड, जेडी रसेल और एच.ई. जस्टिन सन भी अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव करेंगे।